खुल गया चूहे-चुहिया के प्यार का राज़

चूहिया, चूहा इमेज कॉपीरइट AP

एक ताज़ा शोध में वैज्ञानिकों को चुहियों में पाए जाने वाले उन न्यूरॉन का पता चला है, जिनसे उनका नर के प्रति यौन आकर्षण तय होता है.

इस शोध के अनुसार चुहियों में ऑक्सिटोसिन हार्मोन की वजह से सक्रिय होने वाले न्यूरॉन (तंत्रिका कोशिका) का एक छोटा सा समूह सेक्स संबंधी बर्ताव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.

वैज्ञानिकों ने जब इन कोशिकाओं को निष्क्रिय कर दिया, तो चुहियों में ऑक्सिटोसिन का असर नहीं हुआ.

'लव हार्मोन' (प्रेम का हार्मोन) नाम से प्रचलित ऑक्सिटोसिन को पहले ही कई सामाजिक अंतरंगताओं के लिए ज़िम्मेदार माना जाता है.

शोध पत्रिका सेल में प्रकाशित इस अध्ययन के अनुसार इस हार्मोन के बिना चुहिया चूहे के प्रति बिल्कुल भी आकर्षित नहीं होती.

ये न्यूरॉन चुहिया के प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स (मस्तिष्क का अगले हिस्से) में पाए जाते हैं. मस्तिष्क का यह हिस्सा व्यक्तित्व, सीखने की क्षमता और सामाजिक बर्ताव के लिए काफ़ी अहम होता है.

जब हार्मोन को रोक दिया गया और इन कोशिकाओं को शांत कर दिया गया तो यौन सक्रियता के समय में भी चुहियों की चूहों के प्रति आकर्षण ख़त्म हो गया.

बाक़ी समय इन चुहियों ने चूहों के साथ सामान्य सामाजिक व्यवहार किया.

यौन व्यवहार

इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption चूहे की तुलना में चूहिया में पाए जाने वाले न्यूरॉन ऑक्सिटोसिन के प्रति ज़्यादा तेज़ी से प्रतिक्रिया देते हैं.

अध्ययन करने वाली न्यूयॉर्क के रॉकफेलर विश्वविद्यालय की शोध टीम के सदस्य नैथेनियल हींट्ज़ ने बीबीसी न्यूज़ से कहा, "इसका अर्थ यह नहीं कि इसके लिए केवल यही हार्मोन जिम्मेदार हैं क्योंकि हार्मोन दिमाग़ के कई महत्वपूर्ण हिस्सों में काम करते हैं. मगर यह ज़रूर है कि इन कोशिकाओं की ज़रूरत चुहियों के सामाजिक व्यवहार के लिए आवश्यक है."

शोधकर्ताओं को अपने अध्ययन में यह भी पता चला कि चूहों की तुलना में चुहियों में मिलने वाले न्यूरॉन ऑक्सिटोसिन के प्रति ज़्यादा तेज़ी से प्रतिक्रिया देते हैं.

डॉ. हींट्ज़ के कहते हैं कि संभव है कि मनुष्य समेत दूसरे जीवों में भी ऐसा ही होता हो.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार