ट्विटर पर कुछ कहना 'ख़तरे से खाली नहीं'

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जो लोग मानते हैं कि इंटरनेट और सोशल मीडिया से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और खुले विमर्श का एक नया दौर शुरू हुआ है, उनके लिए यह समय हताश करने वाला है.

ऐसा लगता है कि वर्चुअल संवाद का कोई भी क्षेत्र मूर्खतापूर्ण बातों से अछूता नहीं है.

दो प्रमुख खेल प्रसारक बीबीसी के जोनॉथन एंगन्यू और स्काई स्पोर्ट के जेफ़ स्टेलिंग ने इस हफ़्ते ट्विटर छोड़ दिया.

इसका कारण था कि पत्रकारों और उनके परिवार को लोगों की तरफ़ से उन्हें निशाना बनाया जा रहा था.

'बलात्कार की धमकी'

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एक अन्य रेडियो और टीवी एंकर रिचर्ड मैडेली ने ट्वीट्स में बेटी के बलात्कार की धमकी मिलने पर पुलिस को सूचित किया.

कई हफ़्तों तक वीडियो गेम इंडस्ट्री में काम करने वाली महिलाओं को निशाना बनाया गया,उनके ख़िलाफ़ काफ़ी कुछ अनाप-शनाप लिखा गया.

इसके अलावा जान से मारने और निजी सूचनाओं को सार्वजनिक करने की धमकी भी दी गई.

तकनीकी क्षेत्र में काम करने वाली महिला पत्रकारों की राय है कि ऑनलाइन संवाद करने और अपनी बात रखने का कोई तुक नहीं हैं.

ऑनलाइन संवाद का भविष्य

एक तकनीकी पत्रकार ने कहा, "यहां बहुत सारे ख़तरे हैं."

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Image caption ट्विटर पर होने वाले ऑनलाइन संवाद में लोगों को व्यक्तिगत तौर पर निशाना बनाने की घटनाएं बढ़ी हैं.

सबसे बड़ी चिंता तो भविष्य में ऑनलाइन होने वाले संवाद को लेकर है.

ट्विटर पर अपना नाम छिपा करके बहुत सारे लोग ऐसी भाषा का प्रयोग करते हैं,जो लोग आमने-सामने किसी को निशाना बनाते समय भी प्रयोग नहीं करते."

ब्राइना वू ने बीबीसी से कहा, "ट्विटर को इस तरह की समस्या का समाधान खोजना चाहिए. 30 दिन के भीतर खुले अकाउंट से होने वाली ट्वीट को न देखने का भी विकल्प देना चाहिए. यूजर्स के अकाउंट को ज़्यादा सुरक्षित बनाने का प्रयास करना चाहिए."

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