आईसीयू में हो सकता है प्लास्टिक बम!

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अमरीकी शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि अपरिपक्व बच्चों के इलाज के दौरान इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक में मौजूद रसायनों से उनके जीवन को ख़तरा हो सकता है.

एक अध्ययन में पाया गया है कि चिकित्सा उपकरणों में मौजूद पीएचथेलेट, जिन्हें कि मेडिकल भाषा में डीईएचपी कहा जाता है, से शिशुओं को ख़तरा हो सकता है.

शोधकर्ताओं का कहना है कि स्वास्थ्य उपकरण बनाने वाली कुछ अमरीकी कंपनियों ने डीईएचपी के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है.

ब्रिटेन स्वास्थ्य उपकरणों में पीएचथेलेट के इस्तेमाल की समीक्षा कर रहा है.

मनुष्यों में पीएचथेलेट से होने वाले नुक़सान के सबूत अभी पुख्ता नहीं है, लेकिन यूरोप में स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी करने वाली संस्थाओं का कहना है कि डीईएचपी से कैंसर का ख़तरा हो सकता है.

फ्रांस की पहल

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Image caption डीईएचपी का इस्तेमाल पीवीसी प्लास्टिक बनाने में किया जाता है.

इन संस्थाओं का कहना है कि गहन चिकित्सा में नवजात शिशुओं को डीईएचपी का ख़तरा होता है, क्योंकि वे बहुत से चिकित्सा उपकरणों पर निर्भर रहते हैं.

फ्रांस पहला देश है जिसने जुलाई 2015 से नवजात शिशु, बाल चिकित्सा और प्रसूति संबंधी मामलों में उन डीईएचपी निर्मित ट्यूब्स के इस्तेमाल पर रोक लगाने का फ़ैसला किया है.

डीईएचपी रसायन का इस्तेमाल पीवीसी प्लास्टिक बनाने में किया जाता है. इसे प्लास्टिक को नरम और ज़्यादा लचीला बनाने के लिए इस्तेमाल में लाया जाता है.

लेकिन यह प्लास्टिक से बाहर निकल सकता है. प्रयोगशालाओं में जानवरों पर हुए परीक्षण से पता चला है कि इससे प्रजनन संबंधी समस्याओं पैदा हो सकती हैं.

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