बर्फ़ हटाने से क्यों होती हैं इतनी मौतें?

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अमरीका के न्यूयॉर्क राज्य के बफ़ैलो शहर में हाल ही में दो लोगों की बर्फ़ हटाने के कारण मौत हो गई. अमरीका में हर साल सर्दियों में क़रीब 100 लोग इसी वजह से मारे जाते हैं, लेकिन क्यों?

यूएस नेशनवाइड चिल्ड्रेन हास्पिटल के शोधकर्ताओं ने 1990 से 2006 के बीच के आंकड़ों पर इस संबंध में शोध किया. अध्ययन के बाद शोधकर्ता इस नतीजे पर पहुँचे कि हृदयाघात से होने वाली कुल मौतों में से 1,647 मौतें बर्फ़ हटाने के कारण हुई हैं.

हृदय रोग विशेषज्ञ बैरी फ्रैंकलीन बर्फ़ हटाने से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर के जानकार हैं. उनका मानना है कि इस कारण होने वाली मौतों की संख्या दोगुनी हो सकती है.

वो कहते हैं, "मुझे लगता है कि हर साल सैकड़ों लोग बर्फ़ हटाने के कारण मरते हैं."

बढ़ जाती है धड़कन

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फ्रैंकलीन की टीम ने पाया कि स्वस्थ नौजवान जब बर्फ़ हटाते हैं तो उनकी हृदयगति और रक्ताचाप ट्रेडमिल पर व्यायाम करने के दौरान से भी ज़्यादा हो जाती है.

वो कहते हैं, "इसके साथ ही सर्द हवा के कारण धमनियां सिकुड़ जाती हैं जिनसे ख़ून का प्रवाह कम हो जाता है. दिल का दौरा पड़ने के लिए यह बहुत अनुकूल स्थिति होती है."

बर्फ़ हटाने में बहुत ज़्यादा थकावट होती है क्योंकि इसमें पैरों के बजाय हाथों का ज़्यादा प्रयोग होता है.

फ्रैंकलीन कहते हैं, "गीली और भारी बर्फ़ हटाने के दौरान दिल की धड़कन और रक्ताचाप के बढ़ जाने की काफ़ी आशंका होती है."

वक़्त से संबंध

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बहुत से लोग कठिन परिश्रम के दौरान अपनी सांसे रोके रखते हैं जिससे शरीर पर दबाव पड़ता है. बर्फ़ हटान का काम आमतौर पर सुबह छह बजे से 10 बजे के बीच किया जाता है. इस समय जैविक रूप से हृदयाघात की आशंका ज़्यादा होती है.

फ्रैंकलीन बर्फ़ हटाने के काम को इतना ख़तरनाक मानते हैं कि वो 55 साल से ऊपर उम्र वाले किसी भी व्यक्ति को इससे बचने की सलाह देते हैं.

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फ्रैंकलीन कहते हैं स्नो ब्लोवर का प्रयोग ज़्यादा बेहतर तरीक़ा है. लेकिन स्नो ब्लोवर के प्रयोग के बाद भी हृदयाघात से मौतें हुई हैं. यहाँ तक कि बुधवार को बफ़ैलो में हुई एक मौत ऐसे ही हुई.

फ्रैंकलीन कहते हैं, "लोगों को यह पता ही नहीं है कि यह काम उनके स्वास्थ्य पर कितना भारी पड़ सकता है."

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