प्लूटो से पर्दा उठाने को तैयार

प्लूटो, ग्रह इमेज कॉपीरइट PA

नासा के रोबोट न्यू होराइजन ने बौने ग्रह प्लूटो की बर्फीले सतह की तस्वीरें उतारनी शुरू कर दी है. 9 साल में धरती से पांच अरब किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद ये रोबोट प्लूटो के करीब पहुंचा है.

प्लूटो को इतने करीब से जानने का यह पहला मौक़ा है. हालांकि खोजी रोबोट अब भी प्लूटो से 20 करोड़ किलोमीटर दूर है, ऐसे में इस बौने ग्रह को बहुत साफ तो नहीं देखा जा सकेगा. तस्वीरों में बस इस ग्रह से आती कुछ किरणें ही दिखेंगीं.

तस्वीरों से नेवीगेशन

अभियान से जुड़ी वैज्ञानिकों की टीम का कहना है कि यह दृश्य जरूरी है ताकि अंतरिक्ष यान की उड़ान को 14 जुलाई तक सही किया जा सके.

बाल्टीमोर के जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी अप्लायड फिजिक्स लैबोरेटरीसे जुड़े मार्क होल्डरिज ने इसे समझाते हुए कहा, "ऑप्टिकल नेविगेशन वो तकनीक है जिसमें हम प्लूटो की बार बार तस्वीर लेते हैं जिससे कि प्लूटो के सापेक्ष अंतरिक्ष यान की स्थिति का पता लगा सकें."

यान की स्थिति में कोई भी शरुआती बदलाव मार्च में संभव हो सकेगा. प्लूटो के पास पहुंचने पर पता चला कि प्लूटो बहुत तेज़ी से घूम रहा है तकरीबन 14 किलोमीटर प्रति सेकेंड की रफ़्तार से. इस गति पर बहुत दूर रहते हुए इसकी कक्षा में प्रवेश कर पाना नामुमकिन है. ऐसे में उस पर सीधे ही नज़र रखी जा सकती है.

सात अलग अलग उपकरण

इमेज कॉपीरइट Kuiper

एक मुश्किल ये है कि यान पर मौजूद सात अलग अलग उपकरणों को आंकड़े जुटाने के लिए अलग अलग दूरी चाहिए ऐसे में टीम ने इन सब के लिए एक बहुत विस्तृत निगरानी कार्यक्रम बनाया है.

अंतरिक्ष यान प्लूटो के सबसे करीब जीएमटी समय के मुताबिक 14 जुलाई को सुबह 11.50 बजे पहुंचेगा. उस वक्त इसकी दूरी सतह से महज 13,695 किलोमीटर होगी. वैज्ञानिक चाहते हैं कि बिल्कुल ठीक समय का पता चल सके 100 सेकेंड के भीतर. तब ये तय किया जा सकेगा कि उपकरणों की दिशा क्या रखनी है.

जो लोग लंबे समय से यह जानते आए हैं कि सौरमंडल में 9 ग्रह हैं उनके लिए अब वक्त आ गया है कि उन्हें पूरी जानकारी मिले.

2300 किलोमीटर चौड़ी बर्फ से ढंके चट्टानी ग्रह को 2006 से ग्रह का दर्जा छीन लिया गया है लेकिन वैज्ञानिकों का कहना है कि इससे उनके उत्साह पर कोई फर्क नहीं पड़ा है.

इमेज कॉपीरइट NASA

चौकाने वाले नतीजे

इमेज कॉपीरइट other

इस अभियान की पहली तस्वीरें तो बहुत ख़ास नहीं होंगी लेकिन मई में ऐसी तस्वीरें आनी लगेंगीं जो निश्चित रूप से हबल दूरबीन से ली गई तस्वीरों की तुलना में बेहतर होंगी. जुलाई आने तक प्लूटो की शानदार तस्वीरों से नासा मालामाल होगा.

खोजी रोबोट के मुख्य कैमरे की निगरानी करने वाले एंडी चेंग ने बीबीसी से कहा, "हाल के दिनों में सबसे ज्यादा चौकाने वाला रहा रोसेटा मिशन. हबल ने जैसी तस्वीर दिखाई थी उससे ये बिल्कुल अलग था. मुझे उम्मीद है कि ऐसे ही नतीजे न्यू होराइजंस से भी मिलेंगे."

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार