पट्टी जो खुद करेगी इलाज

स्मार्ट बैंडेज

कल्पना करें कि किसी घाव पर लगी पट्टी खुद ही डॉक्टर को फ़ोन कर दे तो?

अभी किसी घाव को देखकर उसकी जांच होती है फिर इलाज होता है. इस दौरान डॉक्टर, नर्स और इलाज की प्रक्रिया में बहुत से समय की ज़रूरत पड़ती है.

लेकिन भविष्य में यह सब तुरंत हो सकेगा सिर्फ़ एक स्मार्ट पट्टी के ज़रिए.

जांच और इलाज

बीबीसी के क्लिक कार्यक्रम ने अमरीका में एक प्रयोगशाला में जाकर देखा. इसे मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) और हार्वर्ड विश्वविद्यालय मिलकर वित्तपोषित कर रहे हैं.

यहां शोधकर्ता इलाज की ऐसी पद्धति पर काम कर रहे हैं जो मौजूदा तरीक़ों से ज़्यादा कारगर होगी और सस्ती भी.

एक परियोजना स्मार्ट बैंडेज (पट्टी) बनाने की है. लेकिन इसमें ख़ास क्या है?

यह घाव की हालत देख सकती है. पट्टी में लगे कई सेंसर ऑक्सीजन के स्तर, पीएच स्तर (अम्लता) और तामान पर नज़र रखते हैं.

अगर गड़बड़ हो तो यह उसे बदल सकती है.

पट्टी के पीछे लगे कणों में इलाज की सामग्री होती है. और इसके पीछे लगे ख़ास गर्म होने वाले तत्वों के चलते यह दवा को घाव तक पहुंचा सकती है.

जब पट्टी में लगा प्लास्टर कहता है कि अब इलाज की ज़रूरत है तो यह गर्म हो जाते हैं और दवा के कण सिकुड़ जाते हैं और सीधे घाव में पहुंच जाते हैं.

डॉक्टरी सलाह

इसके अलावा यह डॉक्टर को भी संपर्क कर सकती है.

यह पट्टी डॉक्टर की निगरानी में एक रिमोट उपकरण को संकेत भेजती है. अगर कोई दिक़्क़त जैसे जीवाणुओं का संक्रमण हो तो डॉक्टर उसे दूर करने के लिए एक बटन दबाकर और दवा डाल सकता है.

हालांकि अभी तक यह साफ़ नहीं कि यह ख़ास पट्टी ही भविष्य का इलाज बनेगी या नहीं क्योंकि इसके व्यावसायिक संस्करण के विकास के लिए पैसे की ज़रूरत होगी.

लेकिन अगर यह शोध रफ़्तार पकड़ लेता है, तो इसका व्यावसायिक संस्करण सिर्फ़ दो साल में तैयार हो सकता है.

हालांकि घाव की हाईटेक पट्टी के लिए लचीले इलेक्ट्रॉनिक्स का इस्तेमाल करने का विचार ज़ोर पकड़ रहा है.

अगर यह सफल रहा तो यह पारंपरिक पट्टी के साथ होने वाली दिक़्क़तें दूर कर सकता है.

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