प्लूटो से मिलने वाले सिग्नल को लेकर चिंता

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नासा के अंतरिक्ष यान न्यू होराइज़ंस मिलने वाले सिग्नल को लेकर चिंता वैज्ञानिकों में चिंता बढ़ रही है.

वैज्ञानिक इस बात की पुष्टि का इंतजार कर रहे हैं कि क्या यान का सफ़र वाकई सफल रहा या नहीं.

वैज्ञानिकों को बुधवार सुबह पता चलेगा कि अंतरिक्ष यान ने ठीक से काम किया या नहीं.

इससे पहले मंगलवार को अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का अंतरिक्ष यान नौ साल के सफ़र के बाद प्लूटो के नजदीक पहुंचा था..

न्यू होराइज़ंस ने प्लूटो का व्यास 2,370 किलोमीटर बताया है जबकि पहले इसका व्यास 2,300 किलोमीटर माना जाता था.

इस नई जानकारी के बाद अब ये बात पुष्ट हो जाती है कि प्लूटो सौर मंडल की बाहरी सीमा में अब तक का सबसे बड़ा ग्रह है.

नासा ने अपना अंतरिक्ष यान एक खास अभियान पर भेजा है जो प्लूटो की नई तस्वीरें और जानकारियां जुटाएगा.

नई-नई जानकारियां

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न्यू होराइज़ंस के सात उपकरण बर्फीले ग्रह प्लूटो की सतह की विशेषताओं, उसकी बनावट और वायुमंडल का विस्तृत नक्शा तैयार करेंगे.

संभावना है कि इससे प्लूटो के बारे में नई-नई बातें सामने आ सकती हैं जो सौरमंडल के बारे में हमारी सोच बदल सकती हैं.

इस अभियान के साथ ही अब सोलर सिस्टम के सभी ग्रहों पर एक-एक बार यान पहुँच चुका है.

प्रोफ़ेसर स्टीफ़न हॉकिंग ने इस अभियान के लिए वैज्ञानिकों को बधाई दी है.

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