फ़ोन की सिक्योरिटी ऐसे बेहतर बनाएँ

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टू-फ़ैक्टर ऑथेंटिकेशन के ज़रिए एंड्रॉयड फ़ोन या टैबलेट को आप पहले से ज़्यादा सुरक्षित रख सकते हैं.

कुछ लोग अपने फ़ोन पर पासवर्ड और बैंक से जुड़ी जानकारी भी रखते हैं, उन्हें टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन के बारे में ज़रूर सोचना चाहिए.

गूगल अब अपनी कुछ सर्विस के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन ज़रूरी कर रहा है.

इसको समझने का एक तरीका ये है कि आप अपने डिवाइस पर जो ताला लगा रहे हैं उसकी दो चाबियाँ हैं. और एक के बिना दूसरी काम नहीं करेगी. ठीक वैसे ही जैसे बैंक के लॉकर में होता है.

एंड्रॉयड पर आप गूगल ऑथेंटिकेटर या कोई और ऐप डाउनलोड कर लीजिए जो आपको SMS के ज़रिए कोड भेज सकता है.

टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन के लिए आप यहाँ से शुरुआत कर सकते हैं.

मोबाइल बैंकिंग के लिए ज़रूरी

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गूगल की सर्विस के अलावा ऑथेंटिकेटर दूसरे ऐप्स के लिए भी काम करता है.

टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन गूगल, ऐपल, एवरनोट, ड्रॉपबॉक्स, ट्विटर, फेसबुक, माइक्रोसॉफ्ट, अमेज़न जैसी सर्विस के लिए भी काम करता है.

आप जो भी सर्विस इस्तेमाल करते हैं उसके लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन इस्तेमाल करना बढ़िया होगा.

टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन आपके लिए कई और गेमिंग, फाइनेंस, ईमेल वगैरह जैसी सर्विस को सपोर्ट करता है.

इस वेबसाइट पर आपको इस बारे में पूरी जानकारी मिल जाएगी.

जैसे-जैसे फ़ोन से आप मोबाइल बैंकिंग, मोबाइल वॉलेट और पैसे का लेन-देन कर रहे हैं टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन ज़रूरी होता जा रहा है.

टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन कैसे काम करता है , ये जानने के लिए ये वीडियो देखें.

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