मोबाइल हैकिंग से कैसे सुरक्षित रहें

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अगर कभी भी आपके कंप्यूटर, स्मार्टफ़ोन या डेस्कटॉप जिस भी नेटवर्क से जुड़ा है, उसके सिक्योरिटी को हैकर्स भेदने में सफल हो गए हैं तो आपके पास क्या विकल्प हैं?

कंपनी तो अपनी तरफ़ से जो भी होगा करेगी लेकिन आपके स्मार्टफ़ोन और कंप्यूटर पर आपके बारे में ऐसी कई जानकारी रहती है जो आपके लिए बिलकुल निजी है.

इससे पहले कि आप कोई भी क़दम उठाएं, हो सकता है आपकी कंपनी ऑनलाइन सिक्योरिटी कंपनियों से बात कर के अपना काम कर रही होगी. लेकिन आपके बारे में जो भी निजी जानकारी है उसके लिए आपको सतर्क रहना ज़रूरी है.

सूचित करें

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सबसे पहले अपने बैंक के पासवर्ड को बदलने का सोचिये. अगर संभव हो तो अपने बैंक से कहिये कि अगले एक-दो दिन तक आपके अकाउंट से कोई भी पैसा निकलने न दे. हैकर्स अक्सर आपके बैंक और दूसरी फ़ाइनेंसियल जानकारी के बारे में जानने की कोशिश करते हैं.

बैंक के अलावा बीमा कंपनी और ऐसे दूसरों को भी ख़बर कर देना चाहिए ताकि आपके बारे में अगर हैकर और जानकारी लेने की कोशिश करे तो वो सावधान रहे. कहीं ऐसा नहीं हो की आपकी जानकारी का इस्तेमाल करके हैकर्स बीमा के नॉमिनी का नाम बदल दें या पालिसी को कैंसिल कर के उसके फ़ायदे ले लें.

उसके बाद अपने ईमेल के पासवर्ड को बदलकर दूसरा पासवर्ड रखिये. नए पासवर्ड को शब्द और अंक को मिलाकर पासवर्ड बनाकर रखेंगे तो आपका ईमेल सुरक्षित रहेगा. अपने दोस्तों और दूसरों को ये ख़बर ज़रूर कर दीजिये कि हैकर के कारण उनके पास ईमेल गया था और वो आपने नहीं भेजा था.

हैकिंग के बाद दोबारा काम शुरू करने से पहले अपने लैपटॉप या डेस्कटॉप को वायरस या ट्रोजन के लिए एक बार पूरी तरह से चेक करवा लें. इससे आप बाद में बिना किसी चिंता के उसी कंप्यूटर पर अपना काम कर सकेंगे.

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