ऐपल का पहला एंड्रॉयड ऐप आया

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पिछले हफ्ते ऐपल ने अपना पहला एंड्रॉयड ऐप बाजार में उतारा है और उसके बाद एंड्रॉयड चाहने वाले कई लोग ऐपल का रुख़ कर रहे हैं.

अपना नया आईफोन लॉन्च करने के बाद ऐपल ने ये ऐप उन ग्राहकों के लिए उतारा है जो लोग एंड्रॉयड छोड़कर आईफोन खरीदना चाहते हैं.

अगर आप एंड्रॉयड फ़ोन इस्तेमाल कर रहे हैं और ऐपल के iOS ऑपरेटिंग सिस्टम वाला नया फ़ोन खरीदते हैं तो इस ऐप को डाउनलोड करने के बाद अपने फ़ोन की सभी जानकारी - फोटो, वीडियो, मैसेज, बुकमार्क, कैलेंडर - अपने नए ऐपल फ़ोन पर शिफ्ट कर सकते हैं.

गूगल प्ले स्टोर पर मौजूद

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'मूव टू iOS' नाम का ये ऐप अब प्ले स्टोर से कोई भी डाउनलोड कर सकता है. एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम चाहने वालों का सवाल है कि इस ऐप को भला गूगल प्ले स्टोर पर लॉन्च होने की इजाज़त क्यों दी गई.

लॉन्च होने के एक-दो दिन के अंदर ही ऐप को हज़ारों लोगों ने रिव्यू किया है. एक स्टार का मतलब लोगों को ये ऐप पसंद नहीं आ रहा है जबकि लोग जिस ऐप को पसंद करते हैं उन्हें ज़्यादा से ज़्यादा पांच स्टार दे सकते हैं.

दो ऑपरेटिंग सिस्टम के चाहने वालों में ठनी

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नए ऐप को फाइव स्टार रेटिंग देने वाले भी सैकड़ों में हैं. इसका मतलब साफ़ है- दुनिया के दो सबसे बड़े मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम के चाहने वालों के बीच ठन गई है.

हर ऐप के साथ इस्तेमाल करने वालों को अपने कमेंट लिखने की इजाज़त भी होती है. वहां पर अंतरिक्ष सक्सेना के कमेंट के अनुसार उनके जैसे लोगों को नेगेटिव रेटिंग देने की भी छूट होनी चाहिए.

वे चाहते हैं कि इस ऐप को प्ले स्टोर के करीब 15 लाख ऐप में से एक नहीं होना चाहिए और उसे प्ले स्टोर से बाहर कर देना चाहिए.

गूगल का एंड्रॉयड सबसे बड़ा स्मार्टफोन ऑपरेटिंग सिस्टम है और करीब 80 फीसदी फ़ोन इस पर काम करते हैं. दुनिया के करीब 14 फीसदी स्मार्टफोन ऐपल का iOS इस्तेमाल करते हैं.

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