15 बरस का विकिपीडिया बड़े काम का

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जब भी आपको किसी भी चीज़ के बारे में ऑनलाइन जानकारी इकठ्ठा करनी होती है तो गूगल पर सर्च करने के बाद आपके सामने अक्सर विकिपीडिया का एक पेज ही खुलता है.

विकिपीडिया पर अब हम सब इतना निर्भर हो चुके हैं कि अगर आपको पुरानी किसी चीज़ के बारे में जानकारी चाहिए तो विकिपीडिया ही आपका सहारा है. कम से कम घटनाओं से जुड़ी तारीख, ज़्यादातर घटनाओं के विवरण और उनसे जुड़े कुछ तथ्य. सभी के बारे में आपको यहां जानकारी मिलेगी.

लेकिन हर समय जो आपको जानकारी दिखाई देती है वो सही हो ऐसा नहीं होता है. कुछ जानकारी जिनके बारे में विवाद है उसके बारे में थोड़ा सावधान रहना ज़रूरी है, नहीं तो गलती हो सकती है.

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दरअसल, विकिपीडिया बनाया कुछ ऐसा गया है कि जो भी चाहे वो जानकारी में अगर बदलाव लाना चाहता है तो वो विकिपीडिया के पेज में एडिट कर सकते हैं. अगर उसके बाद कोई और भी उस पेज में बदलाव चाहता है तो वो कर सकता है.

प्रधानमंत्री ने जब डिजिटल इंडिया के कार्यक्रम को शुरू किया था तो पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और उनके पिता मोतीलाल नेहरू के विकिपीडिया पेज पर बदलाव किए गए थे. इंडिया टुडे की इस रिपोर्ट के अनुसार बाद में पता चला कि वो बदलाव भारत सरकार के एक आईपी अड्रेस से किए गए थे.

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Image caption नेहरू जी पर बने विकिपीडिया पेज पर हाल में बदलाव किए गए जिनसे हंगामा हो गया.

बदलाव करने के बाद नेहरू के दादा का नाम बदलकर दिखाया गया था. बदलाव करने वाले का ये दावा था कि नेहरू के परदादा मुसलमान थे और एक नाम भी वहां पर दिया गया था. जब ये बात सामने आई तो हंगामा मच गया. कांग्रेस ने सरकार पर हमला बोल दिया और कई सवाल दाग दिए.

विकिपीडिया से जुड़े अधिकारियों ने इस बदलाव को हटा तो दिया लेकिन अगर ऐसे बदलाव छोटे मोटे तथ्यों के बारे में किए जाएंगे तो उसको पता करना मुश्किल हो जाता है.

विकिपीडिया पर रखी किसी जानकारी को अगर आप एडिट करना चाहते हैं तो उसके लिए स्क्रीन के ऊपरी हिस्से में 'एडिट दिस पेज' पर क्लिक कीजिए. अगर आप सिर्फ एक सेक्शन को एडिट करना चाहते हैं तो उस सेक्शन पर लिखे 'एडिट' पर क्लिक कीजिए. आपको यहां पर टाइप करने के लिए विकिटेस्ट में टाइप करना होगा. एडिटिंग से जुड़ी पूरी जानकारी आपको यहां मिलेगी.

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टेक्नोलॉजी की दुनिया में ऐसे तरीके से इकठ्ठा की गई जानकारी को क्राउडसोर्सिंग कहते हैं. यानि, तमाम तरह के लोगों ने मिलकर जिस जानकारी को इकठ्ठा किया हो.

जब इसे 15 जनवरी 2001 को शुरू किया गया था तो, जिमी वेल्स और लैरी सैंगर ने विकिपीडिया की शक्ल कुछ ऐसी ही सोची थी. लोगों को तथ्यों के बारे में एडिट करने की इजाज़त कुछ समय बाद शुरू की गई, लेकिन शायद उन्होंने ऐसी कल्पना नहीं की होगी.

लेकिन, कभी-कभी कुछ लोग अलग-अलग स्वार्थ के कारण तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करना चाहते हैं. ऐसे कई मौके आए हैं जब विकिपीडिया की जानकारी कुछ लोगों ने मिलकर बदलने की कोशिश की है ताकि वो एक विशेष सोच के लोगों से सहमत हो.

ऐसा भी होता है कि तथ्य और कहानी में फर्क नहीं नज़र आता है.

अगर आप सेंसर बोर्ड के चेयरमैन पहलाज निहलानी से जुड़े विकिपीडिया के पेज को देखें तो उसे पेज पर उनको फ़िल्मकार गोविन्द निहलानी का भाई बताया गया है.

वहां किसी अखबार की रिपोर्ट के हवाले से ये जानकारी दी गयी है.

Image caption विकिपीडिया पेज पर पहलाज़ निहलानी को गोविंद निहलानी का भाई बताया गया था

लेकिन जब गोविन्द निहलानी से ये सवाल पूछा गया तो उन्होंने इससे साफ़ इंकार कर दिया और साफ़ किया कि उन दोनों के बीच कोई रिश्ता नहीं है. अगर आप चाहें तो आप उस पेज पर 'एडिट' क्लिक करके ये जानकारी को सही कर सकते हैं. लेकिन उसके लिए आपको जानकारी के स्रोत को भी बताना होगा.

अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार विकिपीडिया अब दुनिया का सातवां सबसे पसंदीदा वेबसाइट है. 291 भाषाओं में साढ़े तीन करोड़ से भी ज़्यादा आर्टिकल आपको यहां पर मिल जाएंगे. हर महीने इस वेबसाइट के एक अरब पेज व्यू रिकॉर्ड किए जाते हैं जिनमे करीब 50 करोड़ अलग-अलग लोग होते हैं.

जिमी वेल्स और लैरी सैंगर की जो कोशिश 2001 में शुरू की गई थी अब वो वाकई लोगों तक उनकी अपनी भाषा में पहुंच रही है. स्मार्टफोन और मोबाइल पर अब विकिपीडिया आने से लोगों को इसका सीधा फायदा पहुंच रहा है.

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