यह है ज़ीका की जन्मकुंडली

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एक साल पहले ब्राज़ील के एक प्रांत बाहिया में स्वास्थ्यकर्मियों के सामने लाल-लाल चकत्ते वाले एक मरीज का मामला सामने आया.

पहले तो यह संदेह जताया गया कि यह कोई नए तरह का डेंगू है लेकिन बाद में पता चला कि यह अफ्रीका से आया वायरस ज़ीका है जिसके बारे में बहुत कम लोगों को पता था.

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इसके कुछ महीनों बाद पता चला कि इस वायरस और बच्चों में बढ़ते माइक्रोसेफली के मामलों के बीच एक संबंध है.

माइक्रोसेफली में पैदा होने वाले नवजात बच्चों का मस्तिष्क अविकसित रह जाता है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अमरीका में ज़ीका वायरस से जुड़े माइक्रोसेफली के बढ़ते मामलों को अंतरराष्ट्रीय इमरजेंसी घोषित किया है.

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जब पहली बार ब्राज़ील में इस बीमारी के बारे में पता चला उसके बाद इसके बढ़ते मामलों को देखते हुए न्यूरोलॉजिस्ट बाल चिकित्सक डॉक्टर वान डर लींडेन ने अपने सहकर्मियों को अविकसित मस्तिष्क वाले दूसरे मामलों पर नज़र रखने को कहा.

सितंबर में वो अपने मामलों को लेकर स्वास्थ्य सचिव के पास गई और इस पर एक जांच गठित की गई.

पहला मामला जिसने डॉक्टर वान डर लींडेन का ध्यान अपनी ओर खींचा वे एक जुड़वा बच्चे का मामला था.

जुड़वा बच्चों में से एक को जिसका मस्तिष्क अविकसित था, माइक्रोसेफली था.

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जांच में प्रांत के 44 नगरनिगमों में 140 मामले माइक्रोसेफली के पाए गए. स्वास्थ्य मंत्रालय ने इमरजेंसी की घोषणा कर दी. उत्तर-पूर्वी राज्यों में जिन मामलों पर संदेह था उन मामलों की जांच शुरू कर दी गई.

स्वास्थ्य मंत्रालय के कम्यूनिकेबल डिजिज सर्विलेंस डिपार्टमेंट की निदेशक कलाउडिया मैरोवीच ने शुरुआती चेतावनी जारी की, "गर्भधारण करने से बचे. यह सबसे बेहतर सलाह है जो इस वक्त दी जा सकती है."

अगले दिन मंत्रालय ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि गर्भधारण से बचने को लेकर कोई सलाह नहीं दी गई है.

इसके बदले कहा गया कि गर्भवती औरतों को अपने डॉक्टर से इस संबंध में सलाह लेनी चाहिए.

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इसके बाद स्वास्थ्य मंत्रालय ने रिपोर्ट पेश किया कि उत्तर-पूर्व में माइक्रोसेफील के बढ़ते मामलों को समझने के लिए ज़ीका वायरस के दर्ज किए गए आंकड़ों को आधार के रूप में इस्तेमाल किया गया.

मंत्रालय ने इस बात की भी पुष्टि की कि इसे महामारी के रूप में देखा जा रहा है.

इसके बाद राष्ट्रपति डिल्मा रुसेफ़ ने इसे फैलने से रोकने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञों और कैबिनेट मंत्रियों का एक टास्क फोर्स गठित किया.

पोलीनेशिया की सरकार ने कहा था कि वो ज़ीका वायरस और बच्चों में कुपोषण के बीच संबंध की जांच कर रही है.

पोलीनेशिया फ्रांस का एक सुदूरवर्ती इलाका है. यहां की स्थानीय आबादी 2013 और 2014 के बीच ज़ीका से प्रभावित रही है.

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स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपनी जांच में उत्तर-पूर्वी प्रांतों में माइक्रोसेफली के बढ़ते मामलों और ज़ीका के बीच संबंध पाया.

अमरीका में ज़ीका का पहला मरीज टेक्सस में पाया गया. लैटिन अमरीका से लौटने के बाद वो इस संक्रमण के चपेट में आया था.

कुछ दिन पहले 31 दिसंबर को पोर्टो रिको में ज़ीका का पहला मामला दर्ज किया गया. अमरीका के अधिकारियों का कहना है कि इस मरीज ने हाल में कहीं भी बाहर की यात्रा नहीं की थी.

यह मामला बाहर से इस संक्रमण के आने की संभावना को खारिज करता है.

ज़ीका के जोखिम को देखते हुए कोलंबिया ने शादीशुदा जोड़ों को फिलहाल गर्भधारण करने की योजना टालने को कहा.

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विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के डायरेक्टर जनरल माग्रेट चान ने चेतावनी दी है कि अमरीकी महादेश में 30 से 40 लाख लोग ज़ीका वायरस से संक्रमित हो सकते हैं. अकेले ब्राज़ील में इससे प्रभावित हो सकने वालों की संख्या उन्होंने 15 लाख बताई.

ज़ीका को रोकने के प्रयास के तहत ब्राज़ील सरकार ने ख़ाली पड़े मकानों और जगहों में जबरदस्ती घुसने का फैसला किया है. क्योंकि ऐसी जगहों पर इसे फैलाने वाले एडिस इजिप्टी मच्छर के पैदा होने की आशंका होती है.

कुपोषण और न्यूरोलॉजी से जुड़ी समस्याओं के कारण डब्ल्यूएचओ ने ज़ीका को 'अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में इमरजेंसी' घोषित किया है.

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