कितना भरोसा करें पासवर्ड मैनेजर पर?

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इंटरनेट पर आप जो भी सर्विस इस्तेमाल करते हैं, उस पर लॉग इन के लिए या तो ईमेल आईडी चाहिए या फिर आपको ख़ुद इन पर रजिस्टर करना पड़ता है.

फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, फ़्लिकर, ड्रॉप बॉक्स और न जाने क्या-क्या. इन सबके लिए एक ईमेल बहुत ज़रूरी है, जिसके बिना आप ये सर्विस इस्तेमाल कर ही नहीं सकते.

अपने बैंक, बीमा कंपनी, म्यूच्यूअल फंड, स्टॉक, क्रेडिट कार्ड वगैरह सबको जोड़ लें, तो ईमेल और पासवर्ड की संख्या और भी बढ़ जाती है.

इतने पासवर्ड याद रखना कोई मामूली बात नहीं. इस परेशानी को दूर करने के लिए पासवर्ड मैनेजर ऐप की सर्विस का फ़ायदा उठाने को आप उत्सुक हो सकते हैं. एक बार आप एक पासवर्ड मैनेजर की सर्विस के आदी हो गए तो फिर उसे बदलना मुश्किल होता है. इसलिए हर पहलू के बारे में जांच करके ही इस सर्विस पर रजिस्टर करें.

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पासवर्ड मैनेजर ऐसा सॉफ़्टवेयर प्रोग्राम है, जो आपके पासवर्ड सुरक्षित रखता है. एक बार आप लॉग इन कर लेते हैं, उसके बाद आपकी सभी जानकारी एन्क्रिप्टेड होती है और बिना पासवर्ड के कोई उसे नहीं पढ़ सकता.

आपके पास एक मास्टर पासवर्ड होता है जो आपको याद रखना पड़ता है.

1पासवर्ड, लास्टपास, एमसिक्योर, कीपर जैसी ऑनलाइन सर्विस पर आप अपने पासवर्ड सेव करके रख सकते हैं. डैशलेन भी उसी तरह की सर्विस है, जहां आप अपने पासवर्ड सेव करके रख सकते हैं. लेकिन अगर आप क्लाउड पर अपना डेटा बैकअप करना चाहते हैं और सभी डिवाइसों पर इसे सिंक करना चाहते हैं, तो उसके लिए क़रीब 30 डॉलर यानी क़रीब 2000 रुपए सालाना ख़र्च करने होंगे.

इन सभी सर्विस के लिए आपको कुछ ऐसी ही सालाना फ़ीस देनी पड़ेगी.

तो क्या ऐसे पासवर्ड मैनेजर सुरक्षित हैं? क्या आपके यहां स्टोर किए गए पासवर्ड पर किसी की नज़र हो सकती है?

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ऑनलाइन चोर-उचक्कों की नज़र हमेशा क्रेडिट कार्ड और बैंक से जुड़ी जानकारी पर होती है. अगर 100 में से एक दो से भी जानकारी लेने की कोशिश में वो सफल रहे, तो उनकी कोशिश औरों के लिए आगे बढ़ सकती है. इसलिए वो ऑनलाइन पासवर्ड मैनेजर तक पहुँचने की कोशिश में रहते हैं.

CBS न्यूज़ की इस रिपोर्ट के मुताबिक़, 2015 जून में लास्टपास से हैकर कुछ जानकारी लेने में कामयाब रहे थे. कंपनी ने दावा किया था कि एन्क्रिप्ट डेटा तक हैकर नहीं पहुँच सके थे. उसके बाद कंपनी ने सभी यूज़र्स को ईमेल पर हैक के बारे में जानकारी दी थी और सभी को अपने पासवर्ड बदलने को कहा था. लास्टपास के साथ चार साल में ऐसा हैक दूसरी बार हुआ था.

पासवर्ड मैनेजर कंपनियां हमेशा कहती हैं कि अगर आपका मास्टर पासवर्ड बढ़िया और लंबा है, तो उसे चकमा देकर आपके बारे में जानकारी इकट्ठा करना मुश्किल ही नहीं, असंभव है. उनका सुझाव है कि आप बढ़िया पासवर्ड इस्तेमाल करें, जिसमें शब्द, आंकड़े और स्पेशल करेक्टर सभी हों.

लेकिन अगर पासवर्ड मैनेजर कंपनियों को भी हैक किया जा सकता है तो क्या उन्हें इस्तेमाल करना चाहिए? कई लोग मानते हैं कि इसके बावजूद आपको पासवर्ड मैनेजर इस्तेमाल करना चाहिए क्योंकि अगर आप एक ही जैसे पासवर्ड सभी जगह इस्तेमाल करेंगे, तो किसी दिन हैकर आपको अपना शिकार बना ही लेंगे.

लेकिन ख़तरा सिर्फ़ हैकर्स का नहीं. कई बार क़ानून के लंबे हाथ भी ऐसे डेटा से जानकारी लेने की कोशिश करते हैं.

कभी-कभी सरकार कुछ लोगों के बारे में जानने की कोशिश कर सकती है. इसीलिए अगर आपके पासवर्ड मैनेजर ऐप के पास आपका मास्टर पासवर्ड लिखित रूप में है, तो कुछ स्थिति में हो सकता है कि सरकार को वो जानकारी देनी पड़े. अगर वह पासवर्ड लिखा हुआ उसके पास स्टोर ही नहीं है, तो उसे सरकार से कैसे शेयर किया जा सकता है.

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पीसी वर्ल्ड की इस रिपोर्ट के अनुसार कोई भी पासवर्ड मैनेजर अगर क्लाउड सर्विस देकर आपके पासवर्ड को सुरक्षित रखने का दावा करता है, तो उसे हैक किया जा सकता है. इसलिए वह सुरक्षित नहीं है.

डार्क रीडिंग की इस रिपोर्ट को मानें, तो पासवर्ड मैनेजर कंपनियों की सिक्योरिटी बढ़िया नहीं पाई गई. कुछ जानकारों ने ऐसे कई पासवर्ड मैनेजरों पर अपनी टेस्टिंग में ऐसा पाया.

पासवर्ड को कैसे सुरक्षित बनाएं, उसके लिए सीनेट के ये दिशानिर्देश आप पढ़ सकते हैं. अपने पासवर्ड के बारे में कैसे पता करें कि वह कितना मज़बूत है. इस बारे में आप यहां पढ़ सकते हैं.

डिजिटल दुनिया में अक्सर कहा जाता है कि अगर इनाम बढ़िया हो, तो कोई भी डेटाबेस से जानकारी हैक की जा सकती है. इसलिए बैंक, स्टॉक्स और ऐसी फ़ाइनेंसियल सर्विस से जुड़ी चीज़ों पर ख़तरा हमेशा रहता है.

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हां, अगर डिजिटल दुनिया से हटकर पुराने तरीक़े को अपनाना चाहें तो अपने पासवर्ड को लिखकर ऐसी जगह रखें जहां उन्हें कोई नहीं देख सकता. उससे आपकी सुरक्षा बेहतर हो सकती है. फिर भी अगर आपने उसे लिखकर घर पर में रखा है और ऑफ़िस में आपको उसकी ज़रूरत पड़ी तो क्या करेंगे?

पासवर्ड मैनेजर कंपनियों की ज़रूरत ऐसी ही परेशानी दूर करना है. अगर आप रिस्क लेने को तैयार हैं, तो बस माउस क्लिक करें.

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