अपने डेटा को ऐसे सुरक्षित रखें...

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कंपनियों के डेटा बेस का डेटा चोरी हो जाना कोई नई बात नहीं है. कई बार ऐसा होता है कि ये डेटा चोरी होने के बाद भी कंपनियां इसके बारे में किसी को बताती नहीं हैं.

अब ये डेटा किसी का भी हो सकता है, आपके बारे में भी. ये आपके टेलीकॉम, बैंक, बीमा, कॉलेज या किसी भी जगह जहां आपके बारे में जानकारी है, वहां से चोरी हो सकता है.

अब भला आप कैसे पता करेंगे कि आपके बारे में जानकारी चोरी हुई है?

सबसे पहले इस वेबसाइट से इस बारे में आपको जानकारी मिल सकती है. इस वेबसाइट पर अपने ईमेल डाल कर आप पता कर सकते हैं.

लेकिन अपने ईमेल और मैसेज के बारे में आपको थोड़ा सावधान रहना ज़रूरी है. अगर आपके बारे में फाइनेंशियल जानकारी किसी गलत हाथ में पड़ गई तो काफी परेशानी हो सकती है.

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इसीलिए, अपने इनबॉक्स के सभी जंक मेल को एक फोल्डर में डालने की आदत रखिए. अपने व्हाट्सऐप और एसएमएस को भी डिलीट करने की आदत बढ़िया होगी. तय समय में इन्हें डिलीट कर दीजिए.

अब एक ऐप है जो आपके पुराने एसएमएस और दूसरे मैसेज को एन्क्रिप्ट कर सकता है और दूर बैठे आप उन्हें डिलीट भी कर सकते हैं. एंड्राइड फ़ोन के लिए और एेपल, दोनों के लिए ये ऐप आपके काफी काम का हो सकता है.

अगर कभी फ़ोन खो जाए और अगर आप गलती से किसी को मैसेज कर देते हैं तो उसे भी अपनी जगह पर बैठे ही डिलीट या एन्क्रिप्ट कर सकते हैं.

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अपने बारे में कोई भी जानकारी रखने वाले कागज़ को फाड़ कर फेंकिए. ये जानकारी गलत हाथों में पड़ने पर बहुमूल्य साबित होती है. इस सिक्योरिटी ब्लॉग पर अपनी नज़र रखिए क्योंकि दुनिया भर के लोग इसको पढ़ते हैं और ये आपके बहुत काम का हो सकता है.

अपने कंप्यूटर पर वायरस स्कैन ज़रूर कीजिए. ऑनलाइन खतरों को देखते हुआ सबसे बढ़िया एंटी-वायरस कंप्यूटर पर होना ज़रूरी है. इसके लिए आपको साल के 500-700 रुपए ही लगेंगे. लेकिन ये आपकी मानसिक शांति के लिए बहुत बढ़िया है.

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