आतंकवादियों के व्हाट्सऐप पर नज़र रखना मुश्किल?

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स्मार्टफोन इस्तेमाल करने वालों की सिक्योरिटी के इस साल सबसे बड़ा मुद्दा रहने की उम्मीद है.

अभी ऐपल और अमरीकी जाँच एजेंसी एफ़बीआई के बीच का मुद्दा ठंडा नहीं पड़ा है और व्हाट्सऐप ने अपने ग्राहकों के लिए एन्क्रिप्शन की घोषणा कर दी है.

अपने ब्लॉग में व्हाट्सऐप ने बताया है कि सभी मैसेज और कॉल को अब एन्क्रिप्ट किया जाएगा.

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एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन होने के कारण आपने जिसे ये मैसेज भेजा है उसके अलावा कोई और उसे नहीं पढ़ पाएगा. अगर आपने व्हाट्सऐप का सबसे नया वर्जन डाउनलोड किया है तो ये एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन आपके ऐप के साथ काम करेगा.

अगर डेटा का एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन किया जाता है तो हैकर और सरकारों की पकड़ में आपके बारे में जानकारी आसानी से नहीं आएगी. एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन कैसे काम करता है इसके बारे में आप इस लिंक पर जाकर जानकारी ले सकते हैं.

व्हाट्सऐप दुनिया का सबसे बड़ा मैसेजिंग प्लेटफार्म है और दुनिया भर में इसे 100 करोड़ से ज़्यादा लोग इस्तेमाल करते हैं. एन्क्रिप्ट किए हुए मैसेज के कारण आतंकवादी भी उसका फायदा उठा सकते हैं.

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एक रिपोर्ट के अनुसार पुलिस का मानना है कि दिसंबर 2015 के पेरिस हमले में एक मैसेजिंग प्लेटफार्म का इस्तेमाल किया गया था.

ऐपल ने अमरीका के एफ़बीआई को एक ग्राहक के फ़ोन के डेटा के बारे में जानकारी देने से इनकार कर दिया था. हालांकि, एफ़बीआई ने पेशेवर हैकर की मदद लेकर उस फ़ोन की जानकारी निकाल ली लेकिन इस मुद्दे पर दूसरी कंपनियों ने उसका साथ दिया था.

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व्हाट्सऐप के एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन के बाद ये मुद्दा कई देशों में गर्म हो सकता है.

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