सेल्फ़ी के रोग को कैसे भुना रही कंपनियां?

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स्मार्टफोन की दुनिया में इसे सेल्फ़ी इकोनोमी कहते हैं. फ़ोन बनाने वाली कंपनियां सेल्फ़ी लेने की बीमारी को अपना धंधा बना रही हैं.

यह धंधा कुछ ऐसा चल निकला है कि अब ऐसे स्मार्टफोन बनाये जा रहे हैं जो केवल सेल्फ़ी लेने की खूबी पर ही ज़ोर दे रहे हैं.

पिछले महीने सोनी ने नया स्मार्टफोन लॉन्च किया है. इसका नाम है एक्सपीरिया एक्स ए अल्ट्रा. इसमें 16 मेगा पिक्सेल का फ्रंट कैमरा है और 21 मेगा पिक्सेल का रियर कैमरा है.

इसके मुकाबले आईफोन 6एस और सैमसंग गैलेक्सी एस7 दोनों में फ्रंट कैमरा 5 मेगा पिक्सेल का है और और रियर कैमरा 12 मेगा पिक्सेल का है.

लोगों को ये बताने के लिए कि उससे लिए हुए फोटो कितना बढ़िया हो सकते हैं, आईफोन 6एस और सैमसंग गैलेक्सी एस7 के विज्ञापनों में उनसे लिए गए फोटो काफी इस्तेमाल किए जाते हैं.

जैसे जैसे सेल्फ़ी रोग बढ़ता जा रहा है स्मार्टफोन के सामने का कैमरा अचानक अहम हो गया है.

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कुछ में वाइड एंगल लेंस होते हैं, कुछ में मुस्कान पहचानने वाले फीचर और कुछ और में कंपनियां दावा करती हैं कि ऑटो मोड दूसरों से बेहतर काम करता है. कंपनियों की मार्केटिंग का जादू तब माना जाता है कि जब कम से कम फीचर देकर लोगों से उसके लिए ज़्यादा कीमत ली जा सकती है.

सोनी के ही एक्सपीरिया सी3 में वाइड एंगल लेंस है लेकिन कैमरा सिर्फ पांच मेगा पिक्सेल का है. लेकिन एचटीसी आई में सामने और पीछे दोनों तरफ 13 मेगापिक्सेल के ही कैमरे हैं और दोनों के साथ एक फ़्लैश भी है. अगर आस पास की लाइट कम भी हो गई तो भी आपको सेल्फ़ी या दूसरे फोटो लेने में कोई परेशानी नहीं होगी.

माइक्रोमैक्स के कैनवास नाइट में पीछे का कैमरा 16 मेगापिक्सेल का है और सामने का 8 मेगापिक्सेल का. इस कैमरे, माफ़ कीजिए स्मार्टफोन, की खासियत ये है कि सॉफ्टवेयर के ज़रिये आप उसमें अलग अलग फीचर डाल सकते हैं. जैसे कि ज़ूम, ब्राइटनेस, मोड, सीन वगैरह. और तय कर सकते हैं कि इन फीचर को सामने के कैमरे में इस्तेमाल करें या पीछे के कैमरे में.

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जिओनी के इ7 मिनी स्मार्टफोन में लोगों को 13 मेगापिक्सेल के रोटेटिंग कैमरे को इस्तेमाल करने का मौका मिलता है. जब चाहें उससे सेल्फ़ी ले लें और जब किसी और की फोटो लेनी है तो कैमरे को घुमा दीजिये. कंपनी का दावा है कि इसका मैक्रो फोकस बढ़िया है.

ओप्पो के एन1 में भी ऐसा घूमने वाला कैमरा है और उसके साथ में एक रिमोट कंट्रोल भी है! तो फोटो लेने के लिए आपको स्क्रीन को छूना भी नहीं पड़ेगा.

जिओनी की तरह इसमें भी 13 मेगापिक्सेल का कैमरा है. ओप्पो का ही एफ1 को भी सेल्फ़ी कैमरे के रूप में बेचने की कोशिश की जा रही है और फिल्म स्टार रितिक रोशन विज्ञापनों में आपको लुभाने की कोशिश करते दिखेंगे.

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असूस, मोटो एक्स स्टाइल, एलजी जी4, शिओमी मी 4आई जैसी कई और कंपनियां सेल्फ़ी के नाम पर स्मार्टफोन बेचने की कोशिश कर रही हैं. अब स्मार्टफोन के कैमरे पर इतना ज़ोर है कि कहीं एक दिन ऐसा न आए कि लोग भूल जाएं कि स्मार्टफोन से कॉल भी कर सकते हैं.

सेल्फ़ी खींचने के लिए जूते, चम्मच, अंगूठी, कंघी, सेल्फ़ी स्टिक और सेल्फ़ी वाले टोस्टर, जिसमें ब्रेड टोस्ट करने पर आपकी सेल्फ़ी वाली तस्वीर आती है, वो सब भी इस सेल्फ़ी इकोनोमी में शामिल हैं.

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