http://www.bbcchindi.com

'ऐंटी-रेट्रोवायरल दवाएँ भारत में भी मुफ़्त'

भारत की केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा है कि भारत में एचआईवी-एड्स रोगियों के लिए पहली बार ऐंटी-रेट्रोवायरल दवाएँ मुफ़्त देने की योजना है.

विश्व एड्स दिवस से एक दिन पहले स्वराज ने कहा कि सरकार अगले साल एक अप्रैल से दो अरब रुपए की योजना शुरू करने जा रही है जिससे सरकारी अस्पतालों में लोगों को मुफ़्त दवा दी जाएगी.

उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि भारतीय एड्स रोगियों के लिए एड्सरोधी दवाओं की क़ीमतें कम करने के लिए भी दवा कंपनियों से बातचीत जारी है.

अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की एड्स से जुड़ी परियोजना में भारत की तीन दवा कंपनियाँ हिस्सा ले रही हैं और एड्सरोधी दवाएँ कम क़ीमतों पर मुहैया करा रही हैं.

स्वराज ने कहा कि उन्होंने इन कंपनियों से कहा है कि अगर वे क्लिंटन फ़ाउंडेशन के लिए कम पैसे पर दवाएँ मुहैया करा सकते हैं तो भारतीयों के लिए क्यों नहीं.

उन्होंने कहा कि इसके बाद ये कंपनियाँ भारत में भी कम दाम पर दवाएँ मुहैया कराने पर राज़ी हो गई हैं बशर्ते कि उन्हें कुछ निर्यात सुविधाएँ दी जाएँ.

भारत में राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन नैको की परियोजना निदेशक मीनाक्षी दत्ता घोष ने कहा कि इस सौदे की बाक़ी बातें अप्रैल 2004 तक तय हो जाएँगी.

दक्षिण अफ़्रीका के बाद भारत में ही सबसे ज़्यादा एड्स रोगी हैं.

इस मौक़े पर स्वराज ने ये भी कहा कि यौनकर्मियों को मुफ़्त कॉन्डम भी बाँटे गए हैं.

उन्होंने कहा कि ऐसा विधेयक लाने पर भी विचार हो रहा है जिससे एड्स का उपचार करने का दावा करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जा सके.

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इसकी मदद से एचआईवी एड्स रोगियों के प्रति होने वाले भेदभाव को भी रोकने की कोशिश होगी.