शोध: सिगरेट-शराब नहीं घटाते पौरुष

 गुरुवार, 14 जून, 2012 को 14:41 IST तक के समाचार
शुक्राणु

अब तक डॉक्टर शुक्राणु की गुणवत्ता सुधारने के लिए जीवन शैली बदलने की सलाह देते रहे हैं

ब्रिटेन के शोधकर्ताओं का कहना है कि बांझपन दूर करने के लिए जीवन शैली को सुधारने की डॉक्टरी सलाह हो सकता है कि बेकार जाए और इस बीच इलाज के दूसरे उपायों के लिए देर हो जाए.

शोध के मुताबिक धूम्रपान, शराब सेवन और मोटे होने का शुक्राणु की गुणवत्ता पर कोई असर नहीं होता.

हालांकि उनका कहना है कि इन तीनों से बचे रहना अभी भी स्वास्थ्य के लिए अच्छा है.

डॉक्टरों का कहना है कि तंग चड्डी पहनने की बजाय ढीली ढाले बॉक्सर शॉर्ट्स पहनने से शुक्राणु की गुणवत्ता में बढ़ोत्तरी होती है.

हालांकि 'नेशनल इंस्टिट्यूट फॉर हेल्थ एंड क्लिनिकल एक्सीलेंस' की डॉक्टरों को सलाह है कि पुरुषों को चेतावनी ज़रुर दें कि धूम्रपान, शराब सेवन और शौकिया नशे आदि का सेवन करने का शुक्राणु पर असर पड़ सकता है.

'इलाज में देरी न करें'

शेफ़ील्ड और मैनचेस्टर विश्वविद्यालयों के शोधकर्ताओं ने 939 ऐसे पुरुषों की जीवनशैली का अध्ययन किया जिनके शुक्राणु की गुणवत्ता अच्छी नहीं थी और उसकी तुलना ऐसे 1,310 ऐसे पुरुषों की जीवनशैली से की जिनके शुक्राणु की गुणवत्ता अच्छी थी.

"हमारे शोध के नतीजों के बाद भी हम मानते हैं कि पुरुषों के लिए महत्वपूर्ण है कि वे स्वास्थ्य संबंधी सलाहों का पालन करें, मसलन वज़न न बढ़ने दें, धूम्रपान करना छोड़ दें और शराब सीमित मात्रा में ही पिएँ. लेकिन पिता बनने के लिए ये ज़रुरी नहीं है कि आप साधु-संत बन जाएँ"

डॉ एलन पासे, शेफील्ड यूनिवर्सिटी

इस अध्ययन से पता चला कि कभी धूम्रपान न करने वाले और एक दिन में 20 सिगरेट पीने वाले पुरुषों में सक्रिय शुक्राणुओं की संख्या में कोई अंतर नहीं था.

शोधकर्ताओं का कहना है कि शौकिया नशा करने वाले, मोटापे के शिकार लोगों और अत्यधिक शराब पीने वालों के शुक्राणु की गुणवत्ता पर नकारात्मक असर के 'बहुत थोड़े' प्रमाण हैं.

यूनिवर्सिटी ऑफ़ मैनचेस्टर के डॉ एंड्र्यू पॉवेरी ने कहा कि सामान्य स्वास्थ्य के लिए जीवन शैली का बड़ा महत्व है लेकिन पुरुष बांझपन पर इसका 'शायद बहुत कम असर' पड़ता है.

उन्होंने कहा, "इस शोध ने पुरुषों के दिए जाने वाले उन सुझावों को पलट दिया है कि उन्हें अपने पुरुषत्व को बढ़ाने के लिए क्या करना चाहिए और ये संकेत दिए हैं कि जीनवशैली से पुरुषत्व को जोड़ कर देखना उतना महत्वपूर्ण नहीं है जितना कि पहले समझा जाता था."

उनका कहना है, "चूंकि इस बात के बहुत थोड़ से प्रमाण हैं कि जीवनशैली में परिवर्तन से गर्भधारण की संभावना बढ़ती है, किसी दंपत्ति के बांझपन के इलाज को टालना नुकसानदेह भी हो सकता है क्योंकि उनके पास गँवाने के लिए समय कम ही होता है."

ढीले ढाले अंत:वस्त्रों की सलाह

वैसे शुक्राणु की गुणवत्ता को ढीले ढाले अंतवस्त्रों या बॉक्सर शॉर्ट्स पहनने से जोड़ा गया है.

शराब का सेवन

डॉक्टर कह रहे हैं कि शराब का सीमित सेवन स्वास्थ्य के लिए अच्छा है लेकिन पौरुष बचाने के लिए ज़रुरी नहीं

शेफ़ील्ड यूनिवर्सिटी के डॉ एलन पासे का कहना है, "हमारे शोध के नतीजों के बाद भी हम मानते हैं कि पुरुषों के लिए महत्वपूर्ण है कि वे स्वास्थ्य संबंधी सलाहों का पालन करें, मसलन वज़न न बढ़ने दें, धूम्रपान करना छोड़ दें और शराब सीमित मात्रा में ही पिएँ. लेकिन पिता बनने के लिए ये ज़रुरी नहीं है कि आप साधु-संत बन जाएँ."

उनका कहना है, "हाँ ये ज़रुर है कि यदि कोई पुरुष वाई आकार के तंग जाँघिए पहनने का शौकीन है तो अच्छा है कि पिता बनने से कुछ समय पहले वह ढीली ढाली चड्डियाँ पहनना शुरु कर दे."

शोध के इन नतीजों का 'नेशनल इंस्टिट्यूट फॉर हेल्थ एंड क्लिनिकल एक्सीलेंस' (नाइस) अध्ययन कर रहा है.

नाइस के एक प्रवक्ता का कहना है, "पुरुषों में बांझपन को लेकर हम जो सलाह देते हैं हम उस पर विचार करने के लिए तैयार हैं."

प्रवक्ता का कहना है कि जब तक नई गाइड लाइन जारी नहीं की जाती तब तक हम सलाह देंगे कि मौजूदा सलाहों का पालन करें यानी पुरुष बांझपन से बचने या उबरने के लिए अच्छी जीवन शैली का अवश्य पालन करें.

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