'मिसाइल पर नहीं, कड़ी निंदा पर भरोसा'

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Image caption भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने हमले के बाद उच्च स्तरीय बैठक की है.

रविवार को भारत प्रशासित कश्मीर के उड़ी सेक्टर में भारतीय सेना के कैंप पर हुए चरमपंथी हमले में 17 भारतीय सैनिकों की मौत के बाद भारत में दुख और ग़ुस्सा है.

इस हमले में चार हमलावर भी मारे गए थे. भारतीय मीडिया और सोशल मीडिया में व्यक्त किए जा रहे विचारों से लगता है कि यहां ये धारणा आम है कि इस हमले के पीछे भारत का पड़ोसी देश पाकिस्तान है.

हमले के बाद से ही भारत में 'बदला लेने की भावना' वाले संदेश सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जा रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं.

सोमवार को ट्विटर पर शीर्ष ट्रेंड में #AbSamjhautaNahin शामिल था. इस ट्रेंड में किए गए अधिकतर ट्वीट में भारत सरकार से 'कड़े क़दम' उठाने की मांग की गई है.

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Image caption हाल के महीनों में भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में तनाव बढ़ गया है.

गोकुल का ग्वाला (@rss_sumit) नाम से चल रहे अकाउंट से लिखा गया, "पठानकोट हमले के वक़्त ही इस पाकिस्तान को हम मुंहतोड़ जबाव दिए होते तो इन का मनोबल इतना नहीं बढ़ता."

राहुल झा (@JhaRahul_Bihar) ने ट्वीट किया, "सम्राट पृथ्वीराज चौहान जैसी गलती न करे भारत. बार-बार क्षमा करना युद्ध नीति नहीं होती."

पवन यादव (@pawanjhawat) ने लिखा, "फिर देश की जनता ने वही सवाल दोहराया, कहाँ है 56 इंची सीना, देश पर आतंक मंडराया."

डॉन (@DonMufflerMan) नाम से चल रहे अकाउंट से लिखा गया, "हमला करो! जुमला मत करो बे!"

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Image caption अमरीका के दौरे पर गए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने कहा है कि पाकिस्तान कश्मीरी लोगों का समर्थन करता रहेगा.

जीतेंद्र सिंह (@jeetensingh) ने लिखा, "उठा है पूत कुछ कर दिखायेगा! करेगा क्या ? घोर भर्त्सना करेगा फिर सो जाएगा."

गिरीश परसीजा (@iDilsay) ने ट्वीट किया, "17 जवान शहीद 34 घरों में मातम और कुछ लोग कहते हैं सरकार से सवाल मत करो #IndiaWantsAction ट्रेंड मत करो हम भक्त हैं अंधे नहीं."

नितिन शर्मा (@nit_ranthambore) ने ट्वीट किया, "भारत के पास ब्रह्मोस जैसी घातक मार करने वाली मिसाइलें हैं, पर अब भी नेताओं को इन सब से ज्यादा अपनी "कड़ी निंदा" पर भरोसा है.

नागेंद्र नाथ नीरज (@NNNNiraj) लिखते हैं, "हमने पिछले 70 सालों से समझौता ही तो किया है, समझौता तो अब भी कर ही लेता या करना ही पड़ता अगर कांग्रेस की सरकार होती."

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Image caption हमले में 17 सैनिकों की मौत के बाद लोग प्रधानमंत्री मोदी को उनके पिछले बयान भी याद दिला रहे हैं.

मनोज कुमार (@manojshriganes1) ने ट्वीट किया, "हमारे देश का नेता वही होगा जिसके परिवार से एक सदस्य सेना में होगा तब नेताओ को सैनिकों की शहादत की क़ीमत समझ आएगी."

प्रमोद श्रीवास्तव (@pksrivastava6) लिखते हैं, "कड़ी निंदा, भर्त्सना, संवेदना जैसे घिसे पिटे शब्दों का प्रयोग अब व्यर्थ है. सरकार से कार्रवाई और बदले की अपेक्षा है."

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