पाकिस्तानी दोस्त को वीज़ा न मिलने से ख़फ़ा भारतीय दुल्हन

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Image caption पूर्वी ठक्कर अपनी दोस्त सारा मुनीर (दाएं) के साथ.

एक भारतीय लड़की अपनी पाकिस्तानी दोस्त के लिए भारतीय सिस्टम से संघर्ष कर रही है. भारतीय लड़की का नाम है पूर्वी ठक्कर. पेशे से पत्रकार हैं, न्यूयॉर्क में रहती हैं, लेकिन अगले महीने मुंबई में शादी करने जा रही हैं.

उनकी दावत में शामिल होने वालों की फेहरिस्त में एक नाम पाकिस्तान की सारा मुनीर का भी है, जिन्हें पूर्वी अपनी 'सबसे अज़ीज़ दोस्त' बताती हैं. लेकिन सारा को भारतीय उच्चायोग ने भारतीय वीज़ा देने से मना कर दिया है.

इस बात से ख़फ़ा पूर्वी ठक्कर ने एक नवंबर को अपने फ़ेसबुक अकाउंट से एक लंबी पोस्ट लिखी.

इसमें उन्होंने लिखा, ''मेरे जीवन के सबसे अहम दिन पर मेरी सबसे अच्छी दोस्त मेरे साथ नहीं होगी. इस बात को सोचकर ही मेरा दिल टूट गया है.''

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Image caption पूर्वी ने अपनी पोस्ट में बताया कि क्यों सारा उनके लिए बेहद खास हैं.

पूर्वी अपनी दोस्त सारा के वीज़ा को लेकर भारतीय विदेश मंत्रालय को भी लिख चुकी हैं. साथ ही #GetSarahtoIndia से पूर्वी ने एक ट्विटर कैंपेन भी शुरू किया है. वहीं पाकिस्तान स्थित सारा मुनीर ने भी अपने ट्विटर हैंडल के ज़रिए लोगों से दुआएं करने की अपील की है.

सितंबर में भारत प्रशासित कश्मीर में उड़ी सैन्य कैंप पर हुए चरमपंथी हमले में 19 भारतीय जवान मारे गए थे. जिसके बाद भारतीय फौज ने कथित तौर पर पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों पर सर्जीकल स्ट्राइक किया था.

इन हमलों के बाद दोनों देशों के आपसी संबंधों में एक बार फिर खटास पैदा हो गई है. और इसके बाद से दोनों देशों में आने जाने के लिए वीज़ा मिलने में बहुत परेशानी हो रही है.

'दोस्ती कोई गुनाह नहीं'

कई पाकिस्तानी ट्विटर यूज़र्स ने पूर्वी और मुनीर की दोस्ती की कहानी पर हमदर्दी ज़ाहिर की है.

रज़ा अहमद रूमी ने @Razarumi हैंडल से भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को अपने ट्वीट में शामिल करते हुए लिखा, "सारा को अपनी दोस्त पूर्वी की शादी में शिरकत करने की इजाज़त मिलनी चाहिए. दोस्ती करना कोई गुनाह नहीं."

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Image caption रज़ा अहमद का ट्वीट

@fahadtirati हैंडल से फ़हाद ख़ान ने लिखा, ''सरहदें लोगों को बांध सकती हैं, लेकिन लोगों की भावनाओं को नहीं बांध सकतीं.''

भारतीयों की मिलीजुली प्रतिक्रिया

पूर्वी की पोस्ट को 24 घंटे से कम समय में 600 से ज्यादा लोग शेयर कर चुके हैं. लेकिन भारत में कुछ लोगों ने इसे पसंद नहीं किया है.

@ddeb30 हैंडल से दीपांकर देब ने सवाल उठाया कि भारत को आख़िर सारा को वीज़ा क्यों देना चाहिए? जबकि वह ऐसे देश से वास्ता रखती हैं, जो भारत में आतंकी वारदातों के लिए ज़िम्मेदार है. पहले सारा पाकिस्तान की नीतियों का खंडन करें, फिर वीज़ा मांगें.

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ट्विटर पर @_AMathur हैंडल से ए माथुर ने सुषमा स्वराज को सुझाव दिया कि वे रूल बुक का पालन करें. किसी क़िस्म के दबाव में आकर वीज़ा देना ठीक नहीं होगा.

जबकि साहिल (@mystic_saahil) और चेतना (@chethanakotian) ने यह लिखते हुए पूर्वी की तारीफ़ की है कि दोनों देशों को उनके जैसे लोगों की ज़रूरत है. ताकि राजनीति से दूर होकर दोनों देशों में लोग बेहतर संबंध बना सकें.

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