केजरीवाल का बीबीसी पर भड़कना हुआ वायरल

शुक्रवार शाम बीबीसी हिंदी के साथ फ़ेसबुक लाइव में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कुछ मुद्दों को लेकर नाराज़ हो गए.

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उन्होंने बीबीसी की पत्रकारिता तक पर भी सवाल उठाए. इसे लेकर सोशल मीडिया पर भी कई तरह की प्रतिक्रियाएं हैं.

कई लोगों ने केजरीवाल के इस बरताव पर आपत्ति जताई. वहीं बहुत सारे ऐसे लोग भी हैं जो उनसे सहमत नज़र आए.

भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने लिखा, "क्या कोई मुख्यमंत्री तर्क दे रहे किसी पत्रकार से ऐसे व्यवहार करता है?"

आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता मुज़म्मिल हमदानी ने ट्वीट किया, "मैंने कभी साक्षात्कार के दौरान अरविंद केजरीवाल को ऐसे ग़ुस्से में नहीं देखा जैसे कि वो कल थे. ग़ुस्साया शेर ग़रीबों के लिए दहाड़ रहा है."

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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 'नोटबंदी' के मामले पर बीबीसी हिंदी से बात की.

जी न्यूज़ के पत्रकार रोहित सरदाना ने लिखा, "कल तक केजरीवाल जी कह रहे थे मोदी भक्त गुंडे हैं, रिपोर्टरों को हड़काते हैं. और जनाब बीबीसी के रिपोर्टर को खुद ही हड़का दिए."

अनुराग शर्मा ने ट्वीट किया, "अरविंद केजरीवाल कहते हैं कि 55 लोग लाइन में लग कर मर गए. अब उन्हें ये सुनिश्चित करना चाहिए कि दिल्ली में कोई भी ग़रीब ठंड से न मरे."

असित सिन्हा लिखते हैं, "अरविंद केजरीवाल के पास बीबीसी रिपोर्टर के सवाल का जवाब ही नहीं था. वो भड़क कर अपने आपको ही उजागर कर रहे हैं."

वहीं कई लोग अरविंद केजरीवाल के समर्थन में भी हैं.

विनीता नाम की ट्विटर यूज़र ने लिखा, "शर्मनाक मीडिया. पक्षपाती विचार, तर्कहीन सवाल. ईमानदारी को दबा दिया गया."

यश ने ट्वीट किया, "कैसे रिपोर्टर हर बात पर इंटरजेक्ट कर रहा है क्या किसी रिपोर्टर की हिम्मत है किसी और मुख्यमंत्री से इस तरह बात करे!"

बीबीसी हिंदी के फ़ेसबुक पन्ने पर इस साक्षात्कार पर अब तक चालीस हज़ार से ज़्यादा लोगों ने प्रतिक्रिया दी है.

मेहरुद्दीन अंसारी ने लिखा, "बीबीसी को मोदी जी से सवाल पूछना चाहिए की एटीएम और बैंकों में जो मौतें हुई उनका ज़िम्मेदार कौन है?"

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