अब सालियों की लिस्ट बैंक को दो: केजरीवाल

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नोटबंदी के इस दौर में वो परिवार ख़ासे परेशान हैं जहां शादी-ब्याह होना है. रिज़र्व बैंक की तरफ़ से सोमवार को ऐसे परिवारों को ढाई लाख रुपए निकालने की इजाज़त तो दी गई, लेकिन कई कड़ी शर्तें भी लगाई गई हैं.

रिज़र्व बैंक के मुताबिक़ आठ नवंबर को क्रेडिट बैलेंस होने की सूरत में ही ये रकम निकाली जा सकती है. इसका मतलब ये हुआ कि जिन लोगों के पास नोटबंदी के ऐलान वाले दिन इतनी रकम खाते में थी, वही ऐसा कर पाएंगे.

इस तारीख़ के बाद अगर रकम डाली गई है, तो उसे निकालने की इजाज़त नहीं होगी. इसके अलावा भी कई अन्य शर्तें लगाई गई हैं, जिन्हें पूरा करने बाद शादी के ख़र्चे निपटाने के लिए ढाई लाख रुपए मिलेंगे.

'ढाई आखर प्रेम के'

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सोशल मीडिया पर इसे लेकर चुटकियां ली जा रही हैं. और इस फ़ैसले की आलोचना करने वालों में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी शामिल हैं.

उन्होंने ट्वीट किया, ''सालियों को जूता चुराई के रुपए देंगे, तो सालियों की लिस्ट बैंक को दें और साबित करें कि सालियों का बैंक अकाउंट नहीं. सालियाँ रसीद देंगी.''

दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी पीछे नहीं रहे. उन्होंने लिखा, ''शादी-विवाह-रिश्ते-परिवार की समझ के लिए '56 इंच का सीना' नहीं नहीं 'ढाई आखर प्रेम' की ज़रूरत होती है.''

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कुछ लोग नकदी के बजाय चेक से भुगतान करने की सलाह दे रहे हैं, लेकिन इस बात पर भी मज़े लिए जा रहे हैं.

पंडित जी की दक्षिणा का क्या?

‏@aishwaryverma9 ने लिखा है, ''सर चेक बुक मे लीफ भी 25 या 50 ही होती हैं. जेटली जी ने की सलाह मानी तो चेक बुक के लिए लाइन लगानी पड़ेगी.''

@shahidkaishar ने इस पूरी कवायद पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने ट्वीट किया, ''सरकार नए नए नियम लाके जनता को लॉलीपॉप दे रही है बिलकुल 1 साल के बच्चे की तरह.''

लेकिन ऐसा नहीं कि इन क़दमों का सिर्फ़ विरोध हो रहा है. इस फ़ैसले का समर्थन करने वाले लोग भी हैं, जो इन नियमों का भी सकारात्मक पक्ष देख रहे हैं.

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‏@MpPrajapati55 लिखते हैं, ''भारत में शादी में लाखों रूपये ऐसे ही बर्बाद कर दिए जाते है, ये चेंज होना चाहिए.''

शादी कराने वाले पंडितों को भुगतान कैसे होगा, इसे लेकर कुछ लोगों ने सवाल किया, तो जवाब देने वाले भी तैयार दिखे.

@citizensrini ने लिखा है, ''क्यों नहीं. क्या शास्त्रों में लिखा है क्या पंडितजी को दक्षिणा कैश में ही देना है.''

शादी से पहले बैंक का चक्कर

रिज़र्व बैंक का कहना है कि ढाई लाख निकालने पर भुगतान सिर्फ़ उन लोगों को किया जा सकता है, जिनके पास बैंक खाता नहीं है और नकदी निकालते वक़्त इन लोगों के नाम भी देने होंगे.

पैसा निकालने के आवेदन में दूल्हा-दुल्हन के नाम, उनके पहचान पत्र, पता और शादी की तारीख़ बतानी होगी.

रकम तभी मिलेगी जब शादी की तारीख़ 30 दिसंबर या उससे पहले हो. रकम दूल्हा-दुल्हन या उनके माता-पिता निकाल सकेंगे.

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