नोटबंदी के फ़ैसले पर मोदी ने ऐप पर मांगी राय

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नोटबंदी के फ़ैसले के बाद जब से संसद की कार्यवाही शुरू हुई है, विपक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बयान की मांग कर रहा है.

संसद कई बार ठप हो चुकी है और विपक्ष की मांग है कि पीएम मोदी संसद में उनके सवालों के जवाब दें.

लेकिन अभी तक नरेंद्र मोदी ने संसद में कुछ नहीं कहा है. लेकिन मंगलवार को पीएम मोदी ने ट्वीट करके लोगों से 500 और 1000 के नोट को वापस लेने के फ़ैसले पर अपने ऐप के ज़रिए राय मांगी है.

मोदी के इस ट्वीट पर लोग खुलकर अपनी राय दे रहे हैं.

कुछ लोग परेशानियों की बात मानते हुए देशहित में इसे बड़ा और साहसिक फ़ैसला बता रहे हैं तो कुछ इसकी कड़ी निंदा कर रहे हैं और उनके फ़ैसले पर व्यंग्य कर रहे हैं.

@naam_pk ने लिखा है- नाटक बंद करो फेंकू जी.

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इसके जवाब में विपिन ने लिखा है कि सवाल पूछने का पूरा हक़ है, लेकिन आप पीएम को फेंकू नहीं कर सकतीं.

कुछ लोगों ने ऐप के ज़रिए लोगों से राय मांगने का मज़ाक उड़ाया है.

@champDev_ हैंडल से काबिल दुष्यंत ने विजय माल्या और एक मज़दूर की फोटो ट्वीट की है और लिखा है- आपके ऐप से विजय माल्या तो वोट कर सकते हैं, ये ग़रीब मज़दूर नहीं.

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अंकिता साह ने नोट नहीं पीएम बदलो हैशटैग के साथ ये तस्वीर पोस्ट की है.

लेकिन चंद्रशेखर ने इस फ़ैसले को अच्छा बताते हुए लिखा है कि आगे चलकर इस फ़ैसले से मध्य वर्ग और ग़रीबों को मदद मिलेगी.

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@raviranabjp ट्विटर हैंडल से रवि राणा ने लिखा है- हम आपके साथ हैं. आपने 50 दिन मांगे थे, हम अपना जीवन देने के लिए तैयार हैं.

गौतम देहता ने लिखा है- आम आदमी 50 नहीं 100 दिन तकलीफ़ सह सकता है, बस हमें रिजल्ट चाहिए.

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सत्य प्रकाश ने फ़ैसले की सराहना तो की है, लेकिन साथ ही ये भी लिखा है कि कहीं बैकडोर से पैसा व्हाइट तो नहीं हो रहा.

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