मोदी क्या ट्रम्प को पछाड़ पाएँगे?

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टाइम मैगजीन के पर्सन ऑफ़ द ईयर के लिए हुआ ऑनलाइन रीडर्स पोल जीत लिया है. हालाँकि वो अभी तक टाइम पर्सन ऑफ़ द ईयर नहीं बन सके हैं.

दिलचस्प ये है कि 2011 के बाद रीडर्स पोल में जीता कोई भी व्यक्ति टाइम एडिटर्स को प्रभावित नहीं कर सका है और टाइम पर्सन ऑफ़ द ईयर की रेस में पिछड़ा है.

रीडर्स पोल में पीएम मोदी ने बराक ओबामा और डोनल्‍ड ट्रंप जैसी दिग्गज हस्तियों को पछाड़ा और रीडर्स की नज़र में 2016 के सबसे प्रभावशाली व्‍यक्ति बने.

मगर एक और दिलचस्प आँकड़ा ये बताता है कि इस साल पर्सन ऑफ़ द ईयर बनने की रेस में मोदी के सामने सबसे बड़ी चुनौती अमरीका के निर्वाचित राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप हो सकते हैं.

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साल 2000 के बाद अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव में जो भी विजेता रहा है, वही टाइम पर्सन ऑफ़ द ईयर भी चुना गया है.

साल 2000 और 2004 में जॉर्ज डब्ल्यू बुश टाइम पर्सन ऑफ़ द ईयर रहे. 2008 और 2012 में बराक ओबामा टाइम पर्सन ऑफ़ द ईयर बने.

इस तथ्य को परंपरा मान लें तो इस बार के टाइम पर्सन ऑफ़ द ईयर क्या डोनल्ड ट्रंप होंगे?

टाइम का रीडर्स पोल

रीडर्स पोल में मोदी की जीत का आँकड़ा रविवार को रात 12 बजे वोटिंग बंद होने के बाद सामने आया है.

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टाइम मैगजीन के अनुसार पीएम मोदी ने पोल में कुल 18 प्रतिशत मत हासिल किए हैं और वो अपने प्रतिद्वंद्वियों अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा, नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और विकिलीक्स के संस्थापक जूलियन असांज से काफी आगे रहे हैं.

ओबामा, ट्रंप और असांज सभी को 7-7 प्रतिशत वोट मिले हैं. इनके अलावा मार्क ज़करबर्ग और हिलेरी क्लिंटन सिर्फ़ 2 और 4 प्रतिशत वोटों के साथ मोदी से काफी पीछे रहे.

हालाँकि मोदी टाइम पर्सन ऑफ़ ईयर बन पाएंगे या नहीं, इसका फैसला दो दिन बाद यानी 7 दिसंबर को होगा. पत्रिका के एडिटर्स अंत में पर्सन ऑफ़ द ईयर का चुनाव करते हैं.

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