पाकिस्तान- पकौड़े खाने के लिए रोक दिया इंजन

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Image caption पाकिस्तान रेलवे के एक इंजन की फ़ाइल फोटो

पाकिस्तान में बीच ट्रैक पर इंजन रोकने के लिए दो ड्राइवरों को निलंबित कर दिया गया है.

दरअसल उन्होंने पकौड़े खरीदने के लिए ट्रेन का इंजन रोक दिया था.

13 दिसंबर को पंजाब के गुजरांवाला में शमशाबाद के नज़दीक हुई इस घटना पर पाकिस्तानी मीडिया ने भी सुर्ख़ियां बनाई हैं.

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अख़बारों के मुताबिक ड्राइवर अब्दुल मजीद और सहायक ड्राइवर मोहम्मद सादिक़ एक रिलीफ़ इंजन चला रहे थे.

लोगों ने खोजा ड्राइवरों को

सहायक ड्राइवर ट्रैक पर था जबकि ड्राइवर इंजन छोड़कर गायब था.

'द नेशन' अख़बार के मुताबिक़ पटरी पर इंजन खड़ा देख स्थानीय लोगों ने ड्राइवरों की तलाश की जो पास की एक दुकान में पकौड़े खाते मिले.

लोगों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए उनके साथ नोकझोक भी की.

उर्दू चैनल 'सच मीडिया' ने एक वीडियो प्रसारित किया जिसमें पंद्रह मिनट तक पटरी पर इंजन को अकेले छोड़ने के लिए ड्राइवर की ख़ूब आलोचना की गई.

उर्दू चैनल 'जियो टीवीट की वेबसाइट ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ड्राइवर ने इस तरह इंजन बीच ट्रेक पर रोक कर बड़ा ख़तरा मोल लिया है.

हादसा न होना चमत्कार जैसा

'द नेशन' अख़बार के मुताबिक लाहौर-रावलपिंडी एक्सप्रेस को कुछ ही देर में उसी पटरी से गुज़रना था. अख़बार लिखता है कि इस सिंगल ट्रेक पर हादसा न होना चमत्कार जैसा है.

वहीं उर्दू चैनल 'वक़्त न्यूज़' ने इसे मुल्क के लिए शर्मनाक बताते हुए रेलवे की मज़म्मत की है.

रिपोर्टों के मुताबिक पाकिस्तान रेलवे के प्रमुख मोहम्मद जावेद अनवर ने दोनों ड्राइवरों को निलंबित कर दिया है.

वहीं सोशल मीडिया पर इस ख़बर को लेकर ख़ूब मज़ाक बनाया जा रहा है. तल्हा रज़ा ने फ़ेसबुक पर लिखा, "जब पकौड़े खाने हैं तो खाने हैं..."

वहीं उमर ख़ान ने लिखा, "अगली बार जब आपकी ट्रेन छूट रही हो तो ड्राइवर को पकौड़े दिखा दें."

पाकिस्तान रेलवे के आंकड़ों के मुताबिक पाकिस्तान में हर साल क़रीब सौ रेलवे हादसे होते हैं.

2013 से 2016 के बीच पाकिस्तान में क़रीब तीन सौ हादसे हुए जिनमें 67 लोगों की जानें गईं. आंकड़ों के मुताबिक हादसों की बड़ी वजह मानवीय गलतियां रही हैं.

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