'नोटबंदी के नियम पार्टियों के लिए अलग कैसे'

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नोटबंदी में राजनीतिक दलों को छूट दिए जाने पर सवाल उठाए हैं.

तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता ने ट्वीट कर इस तरह की छूट देने की मंशा पर प्रश्नचिन्ह लगाए.

ममता ने कहा, "नियम हर किसी के लिए एक जैसे होने चाहिए. अगर 500 और 1000 रुपए के पुराने नोट आम आदमी के लिए अवैध हैं तो फिर वे राजनीतिक दलों के लिए वैध कैसे हो सकते हैं. क्या इसके पीछे कोई और मंशा है?"

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ममता ने कहा, "यह बहुत ही दुखद है कि वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों की ओर से भ्रामक बातें सामने आ रही हैं. इस समय पर इस तरह के बयान आना दिखाता है कि इसके पीछे कोई दूसरी मंशा है."

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उन्होंने कहा कि अधिकारियों को ये स्पष्ट करना चाहिए कि नोटबंदी का मतलब हर किसी के लिए एक ही होना चाहिए.

उन्होंने सवालिया लहजे में कहा, "क्या इस तरह की बात कहकर वे किसी एक राजनीतिक पार्टी के कार्यकर्ताओं को कुछ गुप्त संदेश दे रहे हैं?"

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शुक्रवार को सरकार की ओर से कहा गया कि राजनीतिक दलों के खाते में 500 और 1,000 रुपये के पुराने नोटों में जमा राशि पर आयकर नहीं लगेगा.

राजस्व सचिव ने कहा था कि आयकर कानून 1961 की धारा 13-ए के तहत राजनीतिक दलों को उनकी आय पर कर से छूट प्राप्त है. उनकी यह आय आवास संपत्ति, अन्य स्रोतों, पूंजीगत लाभ और किसी व्यक्ति की ओर से स्वैच्छिक योगदान से हो सकती है.

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