सोशल मीडिया: 'कानपुर के पास ही हादसे क्यों हो रहे हैं?'

इमेज कॉपीरइट NAVNEET JAISAWAL

कानपुर देहात के पास फिर एक ट्रेन दुर्घटना हुई है. क्या आपके मन में भी ये बात आई कि कानपुर के पास ही हादसे क्यों हो रहे हैं?

अगर ऐसा है तो आप अकेले नहीं हैं. सोशल मीडिया पर कई लोग ये सवाल पूछ रहे हैं.

मयंक शर्मा ने ट्विटर पर लिखा, "कानपुर के पास एक और ट्रेन हादसा. हम बुलेट ट्रेन के पीछे क्यों भाग रहे हैं? पहले अपने ट्रेन ट्रैक को तो सुरक्षित बना लें?"

हरीश ने लिखा, "अजमेर-सियालदह एक्सप्रेस के 14 डिब्बे पटरी से उतरे. उम्मीद करते हैं कि कभी हम सुरक्षित यात्रा कर सकेंगे."

इंद्रजीत नसकर लिखते हैं, "फिर एक ट्रेन पटरी से उतरी. दिन प्रतिदिन ट्रेन हादसों की संख्या बढ़ रही है. क्या सुरक्षा उपायों की उपेक्षा की जा रही है."

अंकुर त्रिपाठी लिखते हैं, "कानपुर के नज़दीक ही हादसे क्यों हो रहे हैं? रेलवे के लिए बड़ा सवाल है. दूसरा एक्सीडेंट है, शर्म आनी चाहिए. "

तमराज किलविष नाम के एक ट्विटर हैंडल ने लिखा, "समय आ गया है कि रेलवे सुरक्षा को तवज्जो दे, न कि मुफ़्त वाई-फ़ाई को."

राजीव कुमार ने लिखा, "कानपुर के पास दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ रही है. सिविल इंजीनियरों को इस पर ध्यान देना चाहिए."

शशांक सिंह ने ट्रेन हादसे पर रेल मंरी सुरेश प्रभु के ताज़ा ट्वीट पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने वित्त मंत्री अरुण जेटली को जन्मदिन की मुबारकबाद दी है.

उन्होंने लिखा, "रेल हादसा हो गया और रेल मंत्री अपने सहकर्मियों को मुबारकबाद देने में लगे हैं."

ट्रेन हादसे की ख़बर के बाद सुरेश प्रभु एक के बाद एक कई ट्वीट कर हादसे की जानकारी दी जिसके बाद उन्होंने एक ट्वीट में वित्त मंत्री को शुभकामनाएं दी थीं.

कानपुर के नवंबर 20 को पटना-इंदौर एक्सप्रेस के 14 डिब्बे पटरी से उतर गए थे जिसमें 100 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी और कई घायल हुए थे. ज़िम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई होगी: सुरेश प्रभु

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

मिलते-जुलते मुद्दे