सोशल- रोहित वेमुला से तैमूर के बीच सिमटा 2016

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पुराना साल 2016 आख़िरी सांसें गिन रहा है और देश-दुनिया नए साल के इस्तक़बाल में जुटी है. ये या इस तरह की घिसी-पिटी लाइन अब तक आपने ना जाने कितनी बार पढ़ी और सुनी होंगी.

ये कुछ रस्म अदायगी सी लगती है. लेकिन वो भी ज़रूरी है. साल भर देश में क्या-कुछ घटा, इसकी पड़ताल के लिए सोशल मीडिया खंगाला, तो वो चेहरे और घटनाक्रम सामने आए, जिन्होंने ना केवल ख़बरें बनाईं, बल्कि देश को काफ़ी हद तक प्रभावित किया.

सोशल मीडिया के आइने में साल 2016 का भारत क्या और कैसा रहा, आप भी ग़ौर कीजिए

रोहित वेमुला

हैदराबाद विश्वविद्यालय के एक छात्र की मौत ने देश भर में हंगामा मचा दिया. रोहित वेमुला की ख़ुदकुशी ने जातीय आधार पर होने वाले अन्याय को रेखांकित किया और ये नौजवान दुनिया से जाने के बाद भेदभाव के ख़िलाफ़ संघर्ष का चेहरा बन कर उभरा.

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हैदराबाद समेत देश भर में कई जगहों पर विरोध-प्रदर्शन हुए. 26 साल के रोहित हैदराबाद विश्वविद्यालय के रिसर्च स्कॉलर थे और उन्हें विश्वविद्यालय प्रबंधन ने हॉस्टल से निष्कासित कर दिया था.

पढ़ें- रोहित वेमुला की कहानी

कन्हैया कुमार

यूं तो साल भर देश के विश्वविद्यालयों से कई ख़बरें मिलीं. लेकिन दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से उठा हंगामा कई दिनों तक छाया रहा. जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार की गिरफ़्तारी और फिर रिहाई, ख़बरों से लेकर सोशल मीडिया तक, हर जगह छाई रही.

...तो मोदी जी के भी पैर छूता: कन्हैया

बिहार के रहने वाले कन्हैया तिहाड़ पहुंचे और अपने अनुभवों को किताब के रूप में सहेजा भी. मोदी सरकार के कई कदमों की आलोचना की, तो लालू यादव के पैर छूने पर सवाल भी उछले.

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जेएनयू के छात्र नेता कन्हैया कुमार की किताब बिहार से तिहाड़ लॉन्च की गई है.

बुरहान वानी

चरमपंथी बुरहान वानी का मारा जाना, भारत प्रशासित कश्मीर में बवाल की वजह बना. ये हिजबुल का पहला कमांडर था, जिसने अपनी और अपने साथियों की हथियार लिए तस्वीरें सोशल मीडिया पर लगाई थी.

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वानी की मौत के बाद घाटी में विरोध-प्रदर्शन हुए, जो कई महीने जारी रहे. पाकिस्तान ने वानी की मौत वाले दिन को काले दिवस के तौर पर मनाने का ऐलान किया और भारत ने इसे 'आतंकवाद' को बढ़ावा देने की कोशिश बताया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों पर पेलेट गन के इस्तेमाल की भी काफ़ी आलोचना हुई.

बुरहान वानी के बारे में विस्तार से जानिए

आमिर ख़ान

इन दिनों फिल्म दंगल में धूम मचा रहे आमिर ख़ान इस साल अपने एक बयान पर बुरी तरह फंस गए थे. असहिष्णुता को लेकर दिए गए बयान की तपिश आमिर द्वारा एंडोर्स किए जा रहे ब्रांड 'स्नैपडील' तक भी पहुंची.

आमिर के बयान के बाद सोशल मीडिया और सड़कों पर उनका विरोध करने के बाद आमिर के बहिष्कार का एक नायाब तरीक़ा यह भी निकाला गया कि 'स्नैपडील' की ऐप को लोगों ने अपने फ़ोन से डिलीट करना शुरू कर दिया. आमिर को बाद में अपने बयान पर सफ़ाई भी पेश करनी पड़ी.

आमिर के ख़िलाफ़ 'ऐप वापसी' अभियान

स्मृति ईरानी

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रोहित वेमुला की आत्महत्या से जुड़े मामले में घिरी केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का मंत्रालय बदल जाने के बाद सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में प्रतिक्रियाएं सामने आईं. कई लोग उन्हें नसीहतें दे रहे थे, तो कई उनका मज़ाक उड़ा रहे थे. स्मृति ईरानी को मानव संसाधन विकास मंत्रालय से हटाकर टेक्सटाइल (कपड़ा) मंत्री बनाया गया, तो सोशल मीडिया पर #ByeByeSmriti ट्रेंड छाया रहा.

इस घटनाक्रम को सीधे तौर पर रोहित की मौत से जोड़ा गया. कई लोगों ने सोशल मीडिया पर स्मृति की रवानगी को रोहित वेमुला को श्रद्धांजलि बताया.

'स्मृति को हटाना रोहित वेमुला को श्रद्धांजलि'

सैराट की सैर

हिंदी फ़िल्मों और ख़ान तिकड़ी की ख़बरों में मशगूल रहने वाले भारत को इस साल एक मराठी फिल्म ने ख़ासा प्रभावित किया, वो भी चुप्पी के साथ. भारत में मोहब्बत करने के भयावह नतीजों पर बनी छोटे बजट वाली मराठी फ़िल्म 'सैराट' सबसे कामयाब फिल्मों में जगह बना गई.

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'सैराट' को एक दलित फ़िल्मकार ने बनाया और इसका बजट बेहद कम यानी लगभग चार करोड़ रुपए था. इसमें नए चेहरों को लिया गया है, जिनमें दो प्रमुख किरदार बिल्कुल अनजान थे, लेकिन अब दुनिया उन्हें जानने लगी है.

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पीवी सिंधु, साक्षी मलिक और दीपा करमाकर

रियो ओलंपिक के दिन गुज़रते जा रहे थे और भारत की झोली खाली थी. लेकिन खेलों के महासंग्राम के अंतिम दौर में चमत्कार हुआ और तीन महिला खिलाड़ियों ने इतिहास रच दिया. इनमें से दो ने मेडल भी जीते.

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बीबीसी न्यूज़मेकर्स

बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु सिल्वर तक पहुंचने में कामयाब रहीं, जबकि साक्षी मलिक ने चुनौतियों को धोबी-पछाड़ देते हुए कांस्य मेडल झटका. दीपा मेडल तक नहीं पहुंच सकीं, लेकिन वो भारतीयों के दिल में जगह बनाने में सफल रहीं.

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सर्जिकल स्ट्राइक

भारत ने जम्मू-कश्मीर नियंत्रण रेखा पर चरमपंथी ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक करने का दावा किया, जबकि पाकिस्तान की तरफ़ से इसे सीमा पर होने वाली झड़प बताया गया.

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भारत और पाकिस्तान, दोनों मुल्कों में सोशल मीडिया पर ये मुद्दा कई दिन छाया रहा. पाकिस्तान की ओर के पुलिस अधिकारी निजी तौर पर यह मानते हैं कि पुंछ सेक्टर के मदारपुर-तितरिनौत क्षेत्र में हमला हुआ था. बीबीसी ने भी एलओसी के दोनों तरफ़ से इस मामले पर निगाह रखी और पूरी तस्वीर मुहैया कराई.

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डोनल्ड ट्रंप

साल भर पहले राष्ट्रपति चुनावों का अभियान शुरू करने से लेकर जीत के साथ अमरीकी इतिहास बदलने तक, डोनल्ड ट्रंप ने हर बार उम्मीदों और संभावनाओं को ग़लत साबित किया.

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कम ही लोग मान रहे थे कि वो इस दौड़ में शामिल हो पाएंगे, वो हुए. कम ही लोग मान रहे थे कि वो प्राइमरी जीतेंगे, वो जीते. और सोशल मीडिया पर भी ये हैरानी साफ़ दिखी. ट्रंप की जीत को हालिया अमरीकी इतिहास का सबसे बड़ा उलटफेर माना गया. वो जल्द ही कार्यभार संभालेंगे.

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नोटबंदी

जब अमरीका नया राष्ट्रपति चुनने में मसरूफ़ था, भारत में प्रधानमंत्री बड़ा फ़ैसला लेकर देश को चौंकाने वाले थे. 8 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नाटकीय रूप से नोटबंदी की घोषणा की थी.

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नोटबंदी के 50 दिनों का काउंटडाउन

इसके तहत 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को अर्थव्यवस्था में चलन से बाहर कर दिया गया. सरकार ने इस कदम को भारत के काले धन पर हमला बताया. उस दिन के बाद से एटीएम और बैंकों के सामने लंबी कतारें लगने लगीं और सोशल मीडिया पर इस फ़ैसले के समर्थन और विरोध में तलवारें खिंच गई.

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सोनम गुप्ता

नोटबंदी के बाद पुराने नोटों के जाने और नए नोट आने के बीच काफ़ी कुछ बदला, लेकिन 'सोनम गुप्ता' के रुतबे में कोई कमी नहीं आईं. भारत में नोटों पर लिखने की लोगों की आदत पुरानी है.

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अक्सर लोग कुछ न कुछ लिख देते हैं. लेकिन नोटबंदी के माहौल में नोट पर लिखी एक इबारत वायरल हुई. वो इबारत है-'सोनम गुप्ता बेवफा है.' असल में नोटबंदी से पहले भी अक्सर लोग इस तस्वीर को लेकर चर्चा करते रहे हैं और इस पर अक्सर मज़ाक होते रहे.

'मेरा नाम सोनम है और मैं बेवफ़ा नहीं'

पहले तैमूर, फिर शमी की पत्नी

करीना कपूर और सैफ़ अली ख़ान बेटे के माता-पिता बने. ख़ान परिवार ने बेटे का नाम तैमूर अली ख़ान पटौदी रखा और सोशल मीडिया पर तूफ़ान मच गया. आलोचनाओं और समर्थन का दौर शुरू हुआ. दलीलें दी जाने लगीं.

इतिहास रंगा है तैमूर के ज़ुल्म की कहानियों से

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कई लोगों ने इसे दोनों का व्यक्तिगत मामला कहा तो कई लोगों ने इस बात पर एतराज़ जताया और कहा कि एक जालिम आक्रमणकारी के नाम पर बेटे का नाम रखना ग़लत है. इसके कुछ दिन बाद तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद शमी की पत्नी की तस्वीर को लेकर हंगामा मचा.

'करीना को तैमूर नाम पसंद कैसे आया'

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