सोशल: 'पंकज की आवाज़ में बेस अच्छा है इसलिए टिकट दिया'

इमेज कॉपीरइट @PankajSinghBJP

भारतीय जनता पार्टी ने रविवार को 155 उम्मीदवारों की सूची जारी की है. इसमें गृहमंत्री राजनाथ सिंह के बेटे पंकज सिंह को भी नोएडा सीट से टिकट दिया गया है.

पंकज सिंह को टिकट दिए जाने के बाद लोग इसे भाजपा में परिवारवाद से जोड़ कर देख रहे हैं. भाजपा पारंपरिक रूप से परिवारवाद के ख़िलाफ़ रही है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई मौक़ों पर कांग्रेस में वंशवाद का मुद्दा उठाते रहे हैं. लेकिन अब लोग सोशल मीडिया पर भाजपा की ही नीतियों पर सवाल उठा रहे हैं.

पढ़ें- बीजेपी: पहली सूची को लेकर हो रहा विरोध

सोशल :'91 साल के तिवारी नए युवा ह्रदय सम्राट'

सिर्फ़ पंकज सिंह ही नहीं, सांसद हुकुम सिंह की बेटी मृगांका सिंह को कैराना, वरिष्ठ नेता लालजी टंडन के बेटे गोपाल टंडन को लखनऊ पूर्व और बसपा से भाजपा में आए स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटे उत्कर्ष मौर्य को टिकट दिया गया है.

लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्वी यादव ने ट्वीट करते हुए प्रधानमंत्री मोदी से सवाल किया, "आदरणीय नरेंद्र मोदी जी, क्या अब आप अपने नेताओं के बच्चों को सेट करने के चक्कर में यूपी को अपसेट करेंगे? बिहार के संदर्भ में कुछ याद आया सर?

इमेज कॉपीरइट @yadavtejashwi

जोगिंदर चौधरी ने फ़ेसबुक पर लिखा, "पंकज सिंह अगर अपने बलबूते चुनाव लड़ते तो अपने ज़िले से लड़ते. मोदी जी अब परिवारवाद को बढ़ावा दे रहे है."

भास्कर कुमार ने सवाल किया, "गृह मंत्री राजनाथ के बेटे पंकज सिंह को नोएडा से भाजपा उम्मीदवार बनाया गया है! क्या ये भी परिवार-वाद कहलाएगा ?

राकेश गोयल ने लिखा, "गांधीजी से तुलना कीजिए. उन्होंने अपने बेटे के दाख़िले तक के लिए सिफ़ारिश नहीं की थी. मोदी भी अपने परिवार के लिए कुछ नहीं करते हैं. राजनाथ ने मोदी को झुका दिया है."

मनु पंवार ने लिखा, "राजनाथ सिंह खुद केंद्र में मंत्री, बेटे पंकज को नोएडा से टिकट और समधी नारायण सिंह राणा को उत्तराखंड से टिकट. मोदी जी ने कहा है- कांग्रेस में एक ही परिवार फलफूल रहा है."

वहीं कुछ लोग इसे लेकर मज़ाकिया टिप्पणियां भी कर रहे हैं.

इमेज कॉपीरइट EPA

सुलभ पांडे ने ट्वीट किया, "पंकज सिंह के टिकट को परिवारवाद से नहीं जोड़ना चाहिए. बीजेपी ने उन्हें इसलिए टिकट दिया क्योंकि पिता की तरह उनकी आवाज़ में भी बेस अच्छा है."

पंकज सिंह को टिकट दिए जाने का बचाव करते हुए भाजपा से जुड़ी रश्मि चतुर्वेदी ने लिखा, "पंकज सिंह जी को टिकट मिलने पर कुछ लोगों द्वारा वंशवाद का आरोप लगाना अतार्किक और राजनीतिक अज्ञानता है. पंकज भाई ने मंडल, ज़िले और प्रदेश स्तर पर वर्षों मेहनत की है. यहाँ तक क़ि उन्होनें विश्वविद्यालय स्तर की छात्र राजनीति में भी संघर्ष किया है. इस मामले में उनकी तुलना दूसरे नेता-पुत्रों से नही हो सकती."

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

मिलते-जुलते मुद्दे