सोशल: 'चुनाव तो पहले होते थे, अब सिर्फ मोदी रोको प्रतियोगिता होती है'

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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017 के लिए सभी राजनीतिक पार्टियां प्रचार में जुटी हुई हैं.

कांग्रेस-सपा गठबंधन की तरफ से पार्टी के दोनों युवराज अखिलेश-राहुल और बीजेपी की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिना ब्रेक के प्रचार कर रहे हैं.

अखिलेश यादव राहुल संग आगरा से अवध की तरफ बढ़ने और काफिले के जुड़ने की बात कर रहे हैं. वहीं मोदी भी बीजेपी की तरफ से मेरठ में शनिवार को प्रचार करते दिखे.

बसपा सोशल मीडिया पर ज्यादा सक्रिय नहीं है. फिर भी मायावती की चर्चा सोशल मीडिया पर है.

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पढ़िए बीजेपी-कांग्रेस-सपा के इन तीन पुरोधाओं के चुनावी प्रचार पर सोशल मीडिया पर क्या रही लोगों की प्रतिक्रिया?

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वैभव अनेजा ने लिखा, ''चुनाव तो पहले हुआ करते थे. अब तो केल मोदी रोको प्रतियोगिता हो रही है.''

बसंत ने फेसबुक पर लिखा, ''मायावती कभी कहती हैं कि मोदी ने नोटबंदी चुनावी फायदे के लिए की और कभी कहती हैं कि जनता मोदी को नोटबंदी के बाद सबक सिखाएगी. आखिर वो कहना क्या चाहती हैं?''

@_vtaar ने लिखा, ''जब अखिलेश यादव यूपी का विकास कर सकते हैं तो कांग्रेस से गठबंधन क्यों? राहुल गांधी खुद अपना विकास नहीं कर पाए तो देश का विकास क्या कर पाएंगे.''

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विवेक मौर्या ने फेसबुक पर लिखा, ''चुनाव रैली में मोदी जी, केजरीवाल या राहुल गांधी को सुनने कोई नहीं आता है. असल में गरीब लोग अपने अरमानों के पूरा होने की आस लेकर आते हैं.''

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@Iamlucky4u ने कहा, ''मोदी जी बोले, एक ऐसी चीज बनाएंगे जिससे दीवार के पार देखा जा सकता है. भक्त ने पूछा क्या तो वो बोले, छेद.''

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सपा-राहुल के चुनावी प्रचार पर राम ने फेसबुक पर तंज किया, ''गठबंधन से पहले तक जो चमचे राहुल गांधी और कांग्रेस को गाली देते थे. आज वही लोग राहुल गांधी की तारीफ में कसीदे पढ़ रहे हैं.''

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‏@kr_maheshwari ने लिखा, ''सुना है भीड़ ज्यादा दिखाने के लिए आपने पूरे प्रदेश की पुलिस अपने रोड शो में लगा दी थी. जनता से ज्यादा पुलिस दिख रही थी.''

ट्विटर पर #ModiInMeerut भी ट्रेंड में रहा. हालांकि इस हैशटैग के साथ ट्वीट करने वाले ज्यादातर बीजेपी समर्थक थे.

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