सोशल: "मोदीजी ने आम आदमी का मज़ाक उड़ाया है"

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को लोकसभा में कांग्रेस पार्टी के उपाध्यक्ष राहुल गांधी के भूकंप वाले बयान पर चुटकी ली.

उन्होंने कहा ''आख़िरकार भूकंप आ ही गया. धरती मां ग़ुस्से में हैं. मैं सोच रहा था कि भूकंप आया कैसे, क्योंकि धमकी तो बहुत पहले सुनी थी. कोई तो कारण होगा. धरती मां इतनी रूठ गई होंगी.''

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मोदी के इस बयान से उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ख़ासे नाराज़ है. उन्होंने ट्विटर पर लिखा, "उत्तराखण्ड का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान."

उत्तराखंड में सोमवार रात भूकंप आया था, जिसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 5.8 दर्ज की गई. भूकंप का केंद्र देहरादून से उत्तर-पूर्व में 114 किलोमीटर दूर रुद्रप्रयाग में था.

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सोशल मीडिया पर #ModiInsultsDevBhoomi यानी मोदी ने देवभूमि का अपमान किया ट्रेंड भी कर रहा था. कई लोग मोदी के बयान से नाराज़ दिख रहे हैं.

सृष्टि नेगी ने लिखा, "हर चीज़ को मज़ाक में लेना मोदी जी का सत्ता का अहंकार नहीं तो और क्या है."

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अमित अर्जुन सिंह ने इसे घृणात्मक बयान कहा है.

प्रिया नेगी ने लिखा, "उत्तराखंड के लोग आपसे थोड़ी सहानुभूति की उम्मीद करते हैं, इस तरह के व्यवहार की नहीं."

काजल सकलानी ने लिखा, "किसी की पीड़ा का मज़ाक उड़ाना तुच्छ काम है. ऐसा कर के मोदीजी ने आम आदमी का मज़ाक उड़ाया है."

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मनमोहन सिंह पाहुजा ने लिखा, "दुख की बात है कि हमें ऐसे प्रधानमंत्री मिले हैं जो राजनीति के लिए संसद का उपयोग करते हैं, ये त्रासदी है."

लेकिन योगराज ने लिखा, "कांग्रेस से नेता नहीं समझ पा रहे हैं कि मोदी ने उनका अपमान किया है, देवभूमि का नहीं."

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अशोक भाटिया कहते हैं कि मोदी से घृणा करने वाले उनसे डर रहे हैं. मोदी कभी किसी का अपमान नहीं करते.

हालांकि मोदी के बयान के उत्तर में राहुल गांधी भी चुप नहीं बैठे. उन्होंने नोटबंदी का समर्थन करने वाले मोदी के बयान पर चुटकी ली और ट्विटर पर पोस्ट किया ''नीम हकीम खतरा ए जान.''

मोदी का बयान और 'नीम हकीम ख़तरा-ए-जान'

मोदी ने संसद में नोटबंदी का ज़िक्र करते हुए कहा था, "यदि आपका शरीर स्वस्थ्य रहता है तभी ऑपरेशन किया जाता है. अर्थव्यवस्था ठीक थी इसीलिए नोटबंदी का फ़ैसला लिया गया. यह बिल्कुल सही वक़्त था."

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