सोशल: 'गधे से प्रेरणा, मोदी जी ये रिश्ता क्या कहलाता है?'

  • 23 फरवरी 2017
कार्टून

उत्तर प्रदेश के बहराइच में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर निशाना साधा और कहा कि गधा भी प्रेरणा देता है.

इससे पहले गुजरात के जंगली गधों का उल्लेख करते हुए अखिलेश यादव ने अमिताभ बच्चन से कहा था, ''सदी के महानायक गधे का प्रचार न करें.''

इस मामले में बयानबाज़ी बढ़ती गई और प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को कहा कि 'गधा मालिक के प्रति वफ़ादार होता है और ज़िम्मेदारियों को निभाता है.'

बहराइच रैली में और क्या बोले मोदी?

गधे का प्रचार न करें सदी के महानायक: अखिलेश

कैसा होता है गुजरात का जंगली गधा?

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गधे से प्रेरणा वाले मोदी के बयान की सोशल मीडिया पर भी चर्चा है. पढ़िए किसने क्या लिखा?

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अभिजीत ने इस बयान और चुनावी नतीजों को जोड़कर देखा.

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फेयरी नाम के ट्विटर हैंडल से लिखा गया, ''जो खेतों में दिखे वो फ़सली गधा है, जो माइक पे चीखे वो असली गधा है.'' इस ट्वीट को आम आदमी पार्टी के नेता कुमार विश्वास ने भी री-ट्वीट किया.

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तरुण कृष्णा ने फेसबुक पर लिखा, ''पीएम मोदी ने आज मान लिया कि वो गधे से प्रेरणा लेते हैं. अप्रत्यक्ष तौर पर वो ये मान रहे हैं कि व्हाट्स ऐप पर जोक पढ़कर भाषण देने वाले वो देश के पहले प्रधानमंत्री हैं.''

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स्कल बाबा नाम के ट्विटर हैंडल ने मोदी के बयान पर इस तरह तंज किया.

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वरिष्ठ पत्रकार उमाशंकर सिंह फेसबुक पर लिखते हैं, ''ये राजनीति का गदहा काल है.''

मोहम्मद अरमान ने लिखा, ''सोच रहा हूं एक ठो गधा पाल लूं. क्या भरोसा आगे चलकर कोई मंत्री ही बन जाए.''

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