"माता हमको कहते हो, प्रेरणा गधों से लेते हो?"

  • 7 मार्च 2017
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Image caption बीबीसी हिंदी ने पाठकों से पूछी थी गाय के मन की बात.

भाजपा का चुनाव प्रचार करने के लिए अपने संसदीय क्षेत्र बनारस गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां न सिर्फ़ काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा की बल्कि वो गौशाला भी गए.

प्रधानमंत्री मोदी की गाय को चारा खिलाते हुए तस्वीर सोशल मीडिया पर ख़ूब साझा की जा रही है. इसी तस्वीर को हमने फ़ेसबुक पन्ने और ट्विटर हैंडल पर साझा किया और लोगों से पूछी गाय के 'मन की बात'.

पढ़िए चुनिंदा कमेंट्स

पियूष ने लिखा, "मोदी जी.... ये साथ वाली भैंस देशद्रोही है... कह रही थी तबेले में असहिष्णुता बढ़ गई है... अगली बार विदेश जाओ तो इसे पाकिस्तान छोड़ देना."

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आखिर इतनी आलोचना क्यों झेलते हैं पीएम मोदी?

पूजा गोस्वामी ने लिखा, "गाय सोच रही है कि इतने सालों में पहली बार कोई प्रधानमंत्री ऐसा देखा है जो हमारे लिए समय निकाल कर आया है... विजयी भव मोदी ...!!!"

पीके वर्मा ने लिखा, "अगली बार कब आओगे? क्या गंगा मां के बुलाने पर ही आओगे, हमारे बुलाने पर नहीं?"

रमिंद्र सिंह ने लिखा, "गाय कहती होगी बेटा इतने सारे क़त्लखाने भी खोल रखे है और दिखावे के लिए पूजा भी करते हैं. यह शोले में मौसी और बसंती के रिश्ते वाली डायलॉगबाज़ी तो नहीं करने आए हैं न."

मंगेश तिवारी ने लिखा, "जो रोज़ गाय की सेवा कर रहे थे मीडिया में उनकी कोई चर्चा ही नहीं और एक दिन मोदीजी चारा खिलाकर गौरक्षक बन गये."

रवींद्र ने लिखा, "गाय सोच रही है कि हमारे भाई-बहनों को क़त्लगाह भेज कर हमें चारा खिला कर जनता को बेचारा बनाने की कला कोई इनसे सीखे."

रहीम शेख ने लिखा, "काश यूपी में रोज़ चुनाव होते तो मोदी जी रोज़ चारा खिलाते."

माधव एस लाल ने कहा, "माता हमको कहते हो, प्रेरणा गधों से लेते हो?

उत्तर प्रदेश के बहराइच में एक चुनावी रैली में मोदी ने कहा था कि गधा भी हमें प्रेरणा देता है. उन्होंने कहा कहा था कि गधा हमेशा अपने मालिक के प्रति वफ़ादार होता है और ज़िम्मेदारियों को निभाता है.

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'मोदी की रैली देखने के लिए आउट हुए कोहली'

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अयूष मिश्रा ने लिखा, "गाय माता बोल रही है अपने सामने खिला दो नहीं तो लालू खा जाएंगे, सुना है वो भी बनारस में ही हैं."

सदानंद यादव ने लिखा, "यही कि जीत का आशीष तो मैंने अपने सेवक यदुवंशियों को दे दिया था अब मोदी जी ने इतनी देर कर दी आने में तो इन्हें कौन सा आशीष दूं? भाजपा के लोग भी बड़ा धर्म संकट पैदा करते है."

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मोदी के 'मन की बात' में भी भेद-भाव: डिंपल

मेराज अहमद ने लिखा, "सोच रही होगी की इतने गोरक्षक होते हुए भी भारत बीफ़ एक्सपोर्ट में नंबर एक कैसे है."

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