'यहां बलात्कार की ख़बरें आम हैं, नया क्या है?'

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केरल के एक अनाथालय में सात नाबालिग लड़कियों के साथ कथित बलात्कार की ख़बर ने सारे देश को भले ही चौंका दिया हो, मगर राज्य की महिला कार्यकर्ताओं को बार-बार ऐसी घटनाएँ के होने पर कोई हैरानी नहीं है.

वायनाड ज़िले में सात लोगों के कथित तौर पर पिछले दो महीने तक लड़कियों के साथ बलात्कार करने के मामले से पहले कन्नूर ज़िले से ऐसी एक और घटना सामने आई थी जब 17 साल की एक छात्रा ने सात फ़रवरी को एक बच्चे को जन्म दिया.

एक कैथोलिक पादरी ने कथित तौर पर उसका बलात्कार किया था.

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पालक्काड ज़िले से भी ख़बर आई थी कि वहाँ नौ और 11 साल की दो लड़कियों ने आत्महत्या कर ली क्योंकि उनकी मां के एक रिश्तेदार ने कथित तौर पर उनका यौन शोषण किया था.

महिला संगठन अनावेषी की संयोजक अजिता कहती हैं, इसमें नया क्या है? हम पहले भी आदिवासी छात्रों में ऐसी घटनाओं की ख़बरें सुनते रहे हैं. अच्छी बात केवल ये है कि अब वे सामने आ रही हैं.

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महिला कार्यकर्ता रंजिनी हरिदास कहती हैं, अपराधी जानते हैं कि इन लड़कियों के मां-बाप कुछ नहीं कर पाएँगे, इसलिए वे इसका फ़ायदा उठाते हैं.

सात लड़कियों को कथित तौर पर अनाथालय के पास के एक दुकानदार ने जनवरी में लालच दिया. उनकी उम्र 15 साल से कम रही होगी क्योंकि वे सभी आठवीं या नवीं कक्षा में थीं.

एक पुलिस अधिकारी ने पहचान नहीं ज़ाहिर करने की शर्त पर बताया कि लड़कियों के साथ अनाथालय के पीछे एक होटल में दुर्व्यवहार किया गया. एक व्यक्ति ने दुकान से एक लड़की को रोता हुआ निकलता देखने के बाद अनाथालय को इसकी सूचना दी थी.

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कथित तौर पर अपराधियों ने मोबाइल फ़ोन पर तस्वीरें लीं और लड़कियों को ब्लैकमेल किया. अभियुक्तों की उम्र 27 से 32 साल के बीच बताई गई है जिनमें दो शादीशुदा हैं.

रजनी कहती हैं, 'पादरी पर बलात्कार के आरोप वाले मामले में समाज के कई लोगों ने लड़की को ही दोषी ठहराया. इसलिए ये ज़रूरी है कि ऐसी घटनाओं में दोषियों को जल्द से जल्द सज़ा दी जाए.'

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इस बीच केरल सरकार ने वायनाड की बालकल्याण समिति को भंग कर दिया है.

इसका कारण ये बताया गया है कि समिति के अध्यक्ष फ़ादर थॉमस जोसेफॉ थेरकम और एक समिति सदस्य बेटी जोस पर कथित तौर पर कन्नूर मामले में पादरी के बलात्कार करने के मामले को दबाने का आरोप लगा था.

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17 वर्षीय युवती के मां बनने के एक दिन बाद ही कोट्टियूर के स्थानीय चर्च के पादरी फ़ादर रॉबिन वाडाक्केनचेरिल को 28 फ़रवरी को गिरफ़्तार कर लिया गया था.

पुलिस चार और लोगों की तलाश कर रही है जिन पर आरोप है कि उन्होंने पादरी को बचाने की कोशिश की.

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