सोशल: धोनी की आधार जानकारी लीक करने वाला सेंटर ब्लैकलिस्ट

धोनी इमेज कॉपीरइट Facebook/Dhoni

पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के आधार कार्ड लेने की तस्वीर लीक करने वाले केंद्र को 10 साल के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है.

समाचार एजेंसी पीटीआई ने जानकारी दी है कि आधार जारी करने वाली संस्था यूआईडीएआई के सीईओ ने इस आधार केंद्र को ब्लैकलिस्ट करने के साथ-साथ इस मामले में आगे जाँच करने का निर्देश दिया है.

धोनी की पत्नी साक्षी ने केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद के 'आधार' के प्रमोशन पर धोनी परिवार की जानकारी के इस्तेमाल पर एतराज़ जताया था.

रविशंकर प्रसाद ने मंगलवार को धोनी के आधार कार्ड के साथ रजिस्ट्रेशन करवाते हुए एक तस्वीर ट्वीट की थी. इसमें धोनी आधार कार्ड के लिए मशीन पर उंगलियों के निशान स्कैन करवा रहे थे.

इमेज कॉपीरइट Twitter

रविशंकर ने ट्वीट के साथ लिखा- 'महान क्रिकेटर धोनी का डिजिटल हुक शॉट.'

इस ट्वीट पर रिप्लाई करते हुए धोनी की पत्नी साक्षी सिंह ने लिखा, ''क्या कोई प्राइवेसी बची हुई है? आधार कार्ड एप्लीकेशन की जानकारियों को पब्लिक प्रॉपर्टी बना दिया है. निराशाजनक.''

इमेज कॉपीरइट facebook/Twitter Dhoni

धोनी का पहला प्यार क्रिकेट नहीं, फ़ुटबॉल था

रविशंकर इस पर जवाब देते हुए लिखते हैं, ''नहीं, ये जानकारी पब्लिक प्रॉपर्टी नहीं है. क्या मेरे इस ट्वीट से कोई पर्सनल जानकारी बाहर आ रही है.''

इमेज कॉपीरइट Twitter

ट्विटर पर ये सवाल जवाब कुछ देर तक चलते रहे. साक्षी ने इसके जवाब में लिखा, ''सर, जिस फॉर्म में पर्सनल जानकारी भरी हुई थी, वो लीक हो गया है.''

एक दूसरे ट्वीट में साक्षी ने एक तस्वीर के साथ बताया , ''सर मैं @CSCegov_ हैंडल से ट्वीट की इस तस्वीर के बारे में बात कर रही हूं.''

इमेज कॉपीरइट Twitter

ये तस्वीर कॉमन सर्विस सेंटर के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल @CSCegov_ से ट्वीट की गई थी. ट्वीट में धोनी का आधार कार्ड के लिए भरा फॉर्म शेयर किया गया था. हालांकि बाद में ये ट्वीट डिलीट कर दिया गया.

रविशंकर ने @CSCegov_ की तरफ से हुई ग़लती स्वीकार करते हुए लिखा, ''इस बात पर ध्यान दिलाने के लिए शुक्रिया. किसी की निजी जानकारी शेयर करना गैरक़ानूनी है. इसको लेकर गंभीर कदम उठाए जाएंगे''

इमेज कॉपीरइट Twitter

जवाब में साक्षी ने भी रविशंकर प्रसाद का ट्विटर पर जल्द संज्ञान लेने और जवाब देने के लिए शुक्रिया अदा किया.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

मिलते-जुलते मुद्दे