सोशल: 'इंफ़ोसिस समाजवादी पार्टी, मूर्ति मुलायम जैसे'

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इंफ़ोसिस के संस्थापक सदस्य एन आर नारायणमूर्ति ने कंपनी की इंक्रीमेंट नीति पर सवाल उठाए हैं.

'द इंडियन एक्सप्रेस' की एक रिपोर्ट के मुताबिक नारायणमूर्ति ने कंपनी प्रबंधन को लिखे पत्र में चीफ़ ऑपरेटिंग ऑफ़िसर प्रवीण राव को दिए गए भारी इंक्रीमेंट को लेकर पत्र लिखा है.

मूर्ति ने अपने पत्र में लिखा, "शीर्ष अधिकारी को 60-70 फ़ीसदी वेतनवृद्धि देना जबकि कंपनी के अधिकतर कर्मचारियों का वेतन सिर्फ़ 6 से 8 फ़ीसदी ही बढ़ाया गया हो, मेरी राय में अनुचित है."

अपने पत्र में मूर्ति ने लिखा कि ये कंपनी के अधिकतर कर्मचारियों के साथ भेदभाव है जिससे कर्मचारियों का प्रबंधन में विश्वास कम होगा.

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मूर्ति के इस बयान के बाद इंफ़ोसिस सोशल मीडिया पर ट्रेंड भी कर रही है.

नियान (@buffer340) ने ट्वीट किया, "मैं कभी समझ नहीं पाता. वो उत्तर भारतीयों को 25 हज़ार पगार पर रखते हैं तो सभी ख़र्चों के बाद दस हज़ार के बराबर है."

अमित कुमार (@amitkumarz) ने ट्वीट किया, "मूर्ति सही हैं, जब अधिकतर कर्मचारियों को पांच-दस फ़ीसदी वेतनवृद्धि मिलती है तब शीर्ष कर्मचारियों को 60-70 प्रतिशत देना कुप्रबंधन है."

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एम किरण कुमार (@kirankumarwifi) ने ट्वीट किया, "इंफ़ोसिस कर्मचारियों को ग़ुलाम बनाती है. यहां नया खोजने वालों की कमी है."

तनुश्री सिंह (@Puneri_mulgi_) ने लिखा, "सीओओ को 70 फ़ीसदी इंक्रीमेंट, ज़रा सोचिए कि सैलरी के बीच फ़र्क़ कितना बढ़ता जा रहा है. ये कॉरपोरेट प्रबंधन का बड़ा मुद्दा है."

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वहीं एन रामानी अय्यर (@Ramani_Iyer) ने ट्वीट किया कि नारायणमूर्ति कंपनी के चेयरमैन बनने के लिए उतावले हो रहे हैं.

वहीं कुछ लोग मज़ाकिया टिप्पणियां भी कर रहे हैं. वी कुमारा स्वामी ने ट्वीट किया, "इंफ़ोसिस भारतीय उद्योग जगत की समाजवादी पार्टी है और नारायणमूर्ति मुलायम सिंह. बेचारा क्षत्रिय सिक्का."

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नारायणमूर्ति की कंपनी में 12.5 फ़ीसदी की हिस्सेदारी है. इससे पहले भी मूर्ति और कंपनी के मौजूदा प्रबंधनों के बीच सार्वजनिक विवाद हो चुका है.

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