बेटी के लिए फ़ेसबुक पर रिश्ता खोज रहे हैं ये अधिकारी

  • 4 अप्रैल 2017
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Image caption सांकेतिक तस्वीर

भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय में कार्यरत डिप्टी सेक्रेटरी स्तर के एक अधिकारी फ़ेसबुक पर अपनी बेटी के लिए रिश्ता खोज रहे हैं.

शिव बदन यादव ने फ़ेसबुक पर पोस्ट किया - "अपनी पुत्री 'पुष्पा यादव', की शादी के बारे में धीरे-धीरे ख्याल बना रहा हूं. मित्रों में से यदि कोई लड़का अपने को इस शादी के योग्य समझता है या फिर कोई गार्डियन (अभिभावक) इस बारे में बात आगे बढ़ाना चाहते हैं, तो आप सबका सादर स्वागत है."

यादव ने अपने पोस्ट में अपनी बेटी की शैक्षिणिक योग्यता की जानकारी भी दी है.

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बीबीसी से बात करते हुए यादव ने कहा, "फ़ेसबुक पर जितने भी मित्र हैं वो सब मेरे अपने हैं और उनसे एक रिश्ता क़ायम हो गया है. मेरा फ़ेसबुक के दोस्तों पर एक विश्वास है. यदि फ़ेबुक से ही रिश्ते की कोई बात आगे बढ़ती है तो ये भी एक अच्छा विकल्प है."

'शादी का वादा, रेप के हर मामले में वजह नहीं'

उन्होंने कहा, "बहुत दिन से मेरे मन में बेटी की शादी का ख़्याल आ रहा था. आज मैंने ये बात फ़ेसबुक पर रख दी है. ये ज़माना बदलना चाहिए. शादी बच्चों के आपस की बात है, परिवारों को सिर्फ उन्हें पास लाने का माध्यम होना चाहिए."

शिवबदन कहते हैं, "मैंने अभी इस बारे में बेटी से बात नहीं की है. घर में अभी शादी को लेकर आम सहमति भी नहीं है."

शिवबदन यादव की पोस्ट पर उनके कई दोस्तों ने टिप्पणी करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी हैं.

वहीं सोशल मीडिया पर रिश्ता खोजने में सावधानी बरतने की सलाह भी दी है. चेतन ताम्बे ने लिखा, "इंटरनेट और सोशल मीडिया अच्छा माध्यम है लेकिन फिर भी संभलकर." विष्णु मोहन यादव ने लिखा, "रिश्तेदारों से छानबीन करके ही विचार विमर्श करिएगा."

राय पर गौर करें, प्राय: ठग मिलते हैं

दिनेश शबाब ने लिखा, "मैं आपके विचारों का आदर करता हूं." गोविंद यादव ने पूछा, "आपने जातिबंधन है कि नहीं स्पष्ट नहीं किया."

इस पर जवाब देते हुए यादव ने लिखा, "मेरी ओर से कोई बंधन नहीं है, ये बेटी और संभावित दूल्हा तय करेंगे." उन्हें सावधान करते हुए डॉ. मनराज यादव ने लिखा, "शुभचिंतकों की राय पर अवश्य गौर करें, प्रायः ठग मिलते हैं!"

सुधीर यादव ने टिप्पणी की, "आपने एक नई ट्रेंड इजाद की है इसके लिए बधाई. उम्मीद है लोग सोशल मीडिया का ऐसे ही सदुपयोग करेंगे."

तेज बहादुर यादव ने कहा, "फेसबुक पर असलियत कम और बनावट ज्यादा होता है भईया.. बेहतर होगा आप रिश्तेदारों और सगे संबंधियों से इसके लिए कहें भइया."

एक डॉलर में रचाई शादी

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