सोशल: 'अक्षय को नेशनल नहीं नेशनलिज्म अवॉर्ड मिला'

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शुक्रवार को नई दिल्ली में 64वें नेशनल फ़िल्म अवॉर्ड की घोषणा कर दी गई है. अक्षय कुमार को उनके 2016 की फ़िल्म रुस्तम के लिए बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड दिया गया है.

यह अक्षय कुमार को पहला नेशनल अवॉर्ड मिला है. रुस्तम ने आमिर ख़ान की दंगल और अमिताभ बच्चन की पिंक फ़िल्म को पीछे छोड़ यह अवॉर्ड हासिल किया है.

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रुस्तम नानावटी केस में वास्तविक ज़िंदगी पर बनी है. अभिनेत्री सोनम कपूर का फ़िल्म नीरजा के लिए ख़ासतौर पर जिक्र किया गया है.

हाल ही में अक्षय कुमार ने पीटीआई से कहा था कि उन्हें 25 साल के करियर में कोई फ़िल्म फेयर अवॉर्ड नहीं मिला. उन्होंने कहा था कि शायद वह इसके योग्य नहीं हैं.

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अक्षय कुमार के नेशनल अवॉर्ड मिलने पर सोशल मीडिया पर भी जम कर प्रतिक्रिया आ रही है.

दीपा वलेश ने अपने ट्विटर अकाउंट से ट्वीट किया है, ''आइफा अवॉर्ड बच्चों के लिए, फ़िल्मफेयर अवॉर्ड पुरुषों के लिए और केवल नेशनल अवॉर्ड महान लोगों के लिए.''

अक्षय को नेशनल अवॉर्ड के लिए ट्विटर जमकर बधाई मिल रही है तो कुछ लोग सवाल भी उठा रहे हैं.

गगन अधिकारी नाम के एक शख़्स ने ट्वीट किया है, ''मैं सोचता हूं अक्षय सर कि आप नेशनल अवॉर्ड को नहीं लेंगे. रुस्तम से अच्छी एयरलिफ्ट थी. आमिर की दंगल के सामने रुस्तम छोटी थी.''

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बींग कुशल ने ट्वीट किया है, ''बॉलीवुड में अक्षय कुमार बढ़िया अभिनेता हैं लेकिन आप सभी को पता है कि रुस्तम नेशनल अवॉर्ड लायक नहीं थी. मज़ाक बना दिया है.''

एके नाम के एक ट्विटर हैंडलर ने लिखा है, ''अक्षय कुमार को बेस्ट ऐक्टर का अवॉर्ड मिलना चौंकाता नहीं है. कजारिया टाइल्स बेचने से लेकर सैनिक की भूमिका निभाना आसान नहीं है.''

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दूसरी तरफ कई लोगों ने अक्षय कुमार को नेशनल अवॉर्ड मिलने का समर्थन किया है.

इंदर जोशी नाम के एक ट्विटर हैंडलर ने लिखा, ''अक्षय कुमार को नेशनल अवॉर्ड मिलना पेड अवॉर्ड शो पर तमाचा है.''

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