सोनू निगम के चक्कर में फँसे सोनू सूद

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जाने-माने गायक सोनू निगम ने सोमवार सवेरे अज़ान और लाउडस्पीकर वाले अपने ट्वीट से सोशल मीडिया पर बवाल मचा दिया था.

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लेकिन इस पूरी कशमकश में एक अजीब खेल भी हुआ. टि्वटर पर #SonuNigam के साथ-साथ #BoycottSonu ट्रेंड करने लगा और लपेटे में आ गए अभिनेता सोनू सूद.

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लोग विरोध जताने के लिए उन्हें टैग करने लगे और इससे सोनू सूद काफ़ी परेशान हो गए.

सोनू सूद ने ट्वीट कर अपनी फ़िक्र भी साझा की. उन्होंने लिखा, ''मैं अब भी सोच रहा हूं कि किसने क्या कहा और किससे कहा और कौन मुझसे ये पता लगाने के लिए कह रहा है कि क्या हुआ है.''

जानी-मानी फ़िल्म निर्देशक और कोरियोग्राफ़र फ़राह ख़ान ने टि्वटर पर ही सोनू सूद से पूछा, ''तुम इस मामले में कैसे शामिल हो गए और कैसे?''

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इसका जवाब सोनू सूद ने मज़ाकिया अंदाज़ में दिया. उन्होंने लिखा, ''नासा इस बात पर रिसर्च कर रहा है कि मैं इस सब में कैसे और क्यों शामिल हुआ? आपको कैसे और कहां बताऊं...कब बताऊं और क्यों...क्या बताऊं और किसके बारे में.''

सोनू ने दरअसल ट्वीटर पर लिखा था, ''मैं ऐसे किसी मंदिर या गुरुद्वारे में यक़ीन नहीं रखता जो लोगों को जगाने के लिए बिजली (लाउडस्पीकर) का इस्तेमाल करते हैं. जो धर्म में यक़ीन नहीं रखते. फिर क्यों? ईमानदारी से बताइए? सच क्या है?''

''ऊपरवाला सभी को सलामत रखे. मैं मुसलमान नहीं हूं और सवेरे अज़ान की वजह से जागना पड़ता है. भारत में ये जबरन धार्मिकता कब थमेगी.''

'मैं मुसलमान नहीं फिर अज़ान से क्यों जगूं?'

सोनू ने मुताबिक, ''और वैसे जब मोहम्मद (साहब) ने इस्लाम बनाया था तब बिजली नहीं थी...तो फिर मुझे एडिसन के बाद ये शोर क्यों सुनना पड़ रहा है.''

इन दिनों सोशल मीडिया पर ये ऐसा कई बार हो रहा है कि किसी को ट्रोल करने की कोशिश होती है लेकिन लपेटे में कोई दूसरा आ जाता है.

स्नैपडील के साथ कुछ ऐसा ही हुआ. स्नैपचैट एक इमेज मैसेजिंग और मल्टीमीडिया मोबाइल एप्लिकेशन है, जिसे इवान स्पीगल ने बनाया है.

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एक पूर्व कर्मचारी ने आरोप लगाया था कि इवान के मुताबिक उनकी ऐप रईस मुल्क़ों के लिए है ना कि भारत और स्पेन जैसे गरीब देशों के लिए.

हालांकि बाद में स्नैपचैट ने सफ़ाई दी कि ऐसा कुछ नहीं है और ऐप सभी के लिए है.

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लेकिन भारत में सोशल मीडिया पर स्नैपडील को निशाना बनाया गया. लोगों को लगा कि स्नैपचैट और स्नैपडील एक ही कंपनी का हिस्सा है जबकि दोनों अलग-अलग हैं.

इसके बावजूद स्नैपचैट के बॉस की कथित टिप्पणी के बाद स्नैपडील को अनइंस्टॉल करने की मांग उठाई जा रही थी.

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