सोशल: 'एक नंबर से पास हुए नवाज़ शरीफ़'

  • 20 अप्रैल 2017
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पाकिस्तान में बहुचर्चित पनामा लीक्स मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ को पद के अयोग्य ठहराने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं.

लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उनके ख़िलाफ़ लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की ज्वाइंट इनवेस्टिंगेशन टीम से जांच का आदेश दिया है.

नवाज़ शरीफ़, परिवार पर भ्रष्टाचार के आरोपों की विस्तृत जांच होगी

पनामा लीक्स मामले में नवाज़ शरीफ़ और उनके परिवार के विदेशों में खातों और बिज़नेस पर सवाल उठाए गए थे. नवाज़ शरीफ़ के चार में तीन बच्चों के नाम पनामा पेपर्स में इन खातों से जोड़े गए थे.

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अदालत का आदेश आने के साथ ही सोशल मीडिया में #NawazSharif और #PanamaPapers ट्रेंड करने लगा.

कुछ लोग नवाज़ को इस फ़ैसले पर बधाई दे रहे हैं जबकि दूसरे कह रहे हैं कि इस आदेश पर नवाज़ और उनके परिवार को ज़्यादा ख़ुश नहीं होना चाहिए.

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साद ख़ान ने टि्वटर पर लिखा है, ''पांच में से जिन दो जजों ने प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ को अयोग्य माना, वो आने वाले वक़्त में चीफ़ जस्टिस बनेंगे.''

सिड ह्यूमन हैंडल से लिखा गया है, ''सुप्रीम कोर्ट ने फ़ैसला नहीं सुनाया, दी तो एक तारीख़ ही.''

मुदाबिर जमशैद ने चुटकी लेते हुए लिखा है, ''नवाज़ शरीफ़ को उस छात्र की तरह लग रहा होगा जो एक नंबर से इम्तहान पास कर लिया हो.''

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ऐसा कहा जा रहा था कि सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला नवाज़ के ख़िलाफ़ आ सकता है और ऐसा होने पर उन्हें पद छोड़ना पड़ता. लेकिन अदालत का कहना है कि उन्हें हटाने लायक सबूत नहीं हैं और मामले की आगे जांच होगी.

इमरान शेख़ ने लिखा है, ''मियां नवाज़ शरीफ़ को बधाइयां.''

मोहम्मद अनीस के मुताबिक नवाज़ शरीफ़ साल 2023 तक पाकिस्तान की कमान संभाले रहेंगे.

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