सुकमा के शहीदों की क़ुर्बानी बेकार नहीं जाएगी: नरेंद्र मोदी

इमेज कॉपीरइट Bilal Bahadur

छत्तीसगढ़ के सुकमा में हुए नक्सली हमले में 24 जवानों की मौत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है.

उन्होंने ट्वीट किया, "छत्तीसगढ़ में सीआरपीएफ़ जवानों पर हमला कायराना और दुखद है. हम हालात पर नज़र बनाए हुए हैं."

मोदी ने लिखा, "हमें सीआरपीएफ़ जवानों की बहादुरी पर गर्व है. शहीदों की क़ुर्बानी बेकार नहीं जाएगी. उनके परिजनों के प्रति संवेदनाएं."

इमेज कॉपीरइट Twitter

एक ट्वीट में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, "सुकमा में सीआरपीएफ़ जवानों की मौत के बारे में जानकर दुखी हूं. शहीदों को मेरा नमन और उनके परिजनों के प्रति संवेदनाएं."

एक और ट्वीट में राजनाथ सिंह ने कहा, "गृह राज्यमंत्री हंसराज अहीर से सुकमा हमले पर बात की है. हालात का जायज़ा लेने के लिए अहीर छत्तीसगढ़ जा रहे हैं."

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने ट्वीट किया, "सुकमा में हुए नक्सल हमले के बारे में जानकर मन अत्यंत व्यथित है. मैं दिल्ली दौरा निरस्त कर बैठक के लिए छत्तीसगढ़ वापस आ रहा हूँ. नक्सलियों द्वारा केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों पर हमला उनकी कायरता का प्रतीक है. मैं हमले में शहीद जवानों के शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी सहानुभूति प्रकट करता हूँ. हमले में घायल जवानों की पूरी मदद की जाएगी."

इमेज कॉपीरइट Getty Images

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ट्वीट किया, "छत्तीसगढ़ के सुकमा में सीआरपीएफ़ जवानों की मौत से दुखी हूं. इस हिंसा की कड़ी निंदा करती हूं. ग़मज़दा परिजनों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं."

भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय ने लिखा, "सुकमा में नक्सल हमले में सीआरपीएफ़ जवानों के शहीद होने की दुखद सूचना मिली, ईश्वर जवानों के परिवारों को इस कठिन समय से जूझने के शक्ति दे, नमन!"

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने ट्वीट किया, "सीआरपीएफ़ के शहीद जवानों के परिवारों के प्रति संवेदनाएं. क्या जवानों के परिजनों और बच्चों के मानवाधिकार नहीं होते हैं?"

सांसद राज्यवर्धन सिंह राठौर ने लिखा, "सुकमा में बेहद दुखद घटना जहां सीआरपीएफ़ के 24 जवान शहीद हो गए. इससे नक्सलियों को पूरी तरह नेस्तनाबूद करने का हमारा संकल्प और मज़बूत होता है."

फ़िल्म अभिनेता रणदीप हुड्डा ने ट्वीट किया, "सुकमा में जान गंवाने वाले जवानों के परिवारों के प्रति संवेदनाएं. ये ग़ैर ज़रूरी और दुखद ख़ूनख़राबा रुकना चाहिए."

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)