सोशल: 'गैस सब्सिडी के पैसे नहीं, गाय के लिए आधार जैसी आईडी?'

गाय

अब गायों की पहचान भी 'यूनीक' हो सकती है. केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से गायों के लिए आधार कार्ड की ही तरह यूनीक आईडी बनाए जाने की सिफ़ारिश की है.

इस यूनीक आईडी के ज़रिए गायों के रंग, नस्ल और उम्र के बारे में जाना जा सकेगा.

सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में बताया, ''इस यूनीक आईडी के ज़रिए गायों की लोकेशन का भी पता लगाने की कोशिश की जाएगी.

गायों के लिए ये आधार जैसी योजना लाने के बारे में लोग सोशल मीडिया पर भी बात कर रहे हैं.

गायों की यूनीक आईडी पर यूज़र-

भारती शर्मा लिखती हैं, ''गाय के लिए पेंशन मिलनी शुरू हो जाए तो गाय भूखी नहीं मरेगा. न कूड़ेदान में खाना खोजना होगा.''

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@cifarshayar ने लिखा, ''जब सीआरपीएफ जवानों के लिए बुलेट प्रूफ जैकेट खरीदने, किसानों की कर्ज़माफी और गैस सब्सिडी के लिए सरकार के पैसे नहीं हैं, ऐसे वक्त में गायों के लिए आधार जैसी आईडी.''

AAP से जुड़े वैभव महेशवरी लिखते हैं, ''साहेब के प्रेरणास्रोत होने के नाते गाय के बजाय पहले गधे का आधार कार्ड बनना चाहिए कि नहीं चाहिए?''

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह लिखते हैं, ''अब गाय भैंसों का आधार कार्ड बनाने में कितना खर्च आएगा. इसका ठेका भी शायद गो रक्षकों को मिलेगा?''

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शहनवाज़ अंसारी लिखते हैं, '' इंसानों का आधार कार्ड तो ढंग से बन नहीं पाया. कल को ये न कह दें कि गाय भी वोट देंगी.''

अमृत सिंह ने फेसबुक पर लिखा, ''गाय को आधार कार्ड, बैंक अकाउंट और पैन कार्ड से लिंक भी करवाना होगा क्या?''

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सुदेश मलिक ने लिखा, ''गाय को आधार के बाद बैंको से भी जोड़ देना ताकि चारा सब्सिडी सीधे खाते में जाए.''

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