सोशल: लालू यादव ने की चारों पीठों के शंकराचार्यों की नियुक्ति में आरक्षण की मांग

  • 4 मई 2017
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राष्ट्रीय जनता दल के मुखिया लालू प्रसाद यादव ने चारों पीठों के शंकराचार्यों की नियुक्ति में आरक्षण की मांग की है.

'जाति के आधार पर किसी को न मिले आरक्षण'

संघ के प्रचार प्रमुख ने कहा, 'आरक्षण हमेशा नहीं रहेगा'

उन्होंने गुरुवार को ट्वीट किया,''चारों पीठों के शंकराचार्यों की नियुक्ति में भी आरक्षण होना चाहिए. युगों-युगों से वहां सिर्फ एक वर्ण और एक ही जात का आरक्षण क्यों है. सोचिए?''

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लालू यादव के इस ट्वीट को आधे घंटे के भीतर 82 लोगों ने रिट्वीट किया और 197 लोगों ने लाइक किया. ट्विटर पर लोगों ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी दीं.

उमेश यादव ने लालू के ट्वीट के जवाब में कहा,''आपने सही कहा सर. हिंदू धर्म के ओबीसी, एससी और एसटी के लोगों को भी आरक्षण मिलना चाहिए. एक ही जाति सदियों से आरक्षण का लाभ उठा रही है, यह ठीक नहीं है.''

धीरज ने लिखा,''बात तो सही है. आखिर ब्राह्मण ही क्यों बने शंकराचार्य?''

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दर्पण ने कहा,''आरजेडी में भी आरक्षण होना चाहिए. हर बार राबड़ी, लालू, तेजस्वी और तेज ही क्यों? अब तो बख़्श दो. या जाति के नाम पर देश को खोखला कर के दम लेना है?''

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आजाद बहादुर ने कहा,''लालू जी, आप देश में अकेले ऐसा राजनेता हो जो सामाजिक क्रांति ला सकता है. थोड़ी और मेहनत करनी होगी.''

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सुधांशु ने कहा,''आरजेडी में भी आरक्षण होना चाहिए. सब कुछ एक ही परिवार या जाति का क्यों?''

रामेश्वर ने कहा,''योग्य व्यक्ति कभी आरक्षण की मांग नहीं करते. वे कॉम्पिटिशन में भाग लेने में विश्वास रखते हैं.''

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लालू यादव इससे पहले भी यह आरोप लगाते आए हैं कि भाजपा और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ जातिगत आरक्षण को ख़त्म करना चाहता है.

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