सोशल: भारत को टॉयलेट क्यों दान देना चाहते हैं पाकिस्तानी?

कोहली इमेज कॉपीरइट AFP

चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में रविवार को भारत बनाम पाकिस्तान का मुकाबला है. दोनों मुल्कों का जोश चरम पर है.

रोमांच कुछ इस कदर है कि क्रिकेट फैन्स बस अपनी टीम की जीत चाह रहे हैं. मंज़िल जीत है, रास्ता भले ही कैसा भी हो.

सोशल मीडिया इस रोमांच में भड़कीला छौंका लगाने के काम आ रहा है. दोनों तरफ के लोग अनुष्का शर्मा, सानिया मिर्ज़ा, देशभक्ति का हवाला देकर बस जीत चाह रहे हैं.

इमेज कॉपीरइट AFP

इन सबके बीच मैच से पहले पाकिस्तान में #DonateToiletsToIndia यानी 'भारत को टॉयलेट डोनेट कीजिए' ट्रेंड कर रहा है.

वजह बस ये है कि आज भारत पाकिस्तानी आमने सामने हैं और बीते वक्त से भारत में टॉयलेट न होने की ख़बरें आती रही हैं. अक्षय कुमार की फ़िल्म 'टॉयलेट एक प्रेम कथा' भी रिलीज़ को तैयार है.

इमेज कॉपीरइट Twitter

क्या कह रहे हैं पाकिस्तानी?

नबील चौधरी लिखते हैं, ''हाल तो ये है कि भारत में ये लोग एक फिल्म रिलीज़ कर रहे हैं ताकि लोगों को पता चल सके कि टॉयलेट दिखता कैसा है.''

अंजले लिखते हैं, ''क्या आपको वाकई लगता है कि भारत को ट्रॉफी की ज़रूरत है. जवाब है नहीं. भारत को पहले टॉयलेट्स की ज़रूरत है.''

@Ibn_E_Adam_ यूज़र फोटोशॉप किया हुआ एक ट्वीट शेयर करते हैं. इस फोटोशॉप किए हुए ट्वीट में नरेंद्र मोदी के हवाले से लिखा गया है, ''भारतीयों को मेरी सलाह. भारत-पाक मुकाबले से पहले टॉयलेट पर फोकस कीजिए. हमें चैंपियंस ट्रॉफी से ज्यादा टॉयलेट की ज़रूरत है.''

इमेज कॉपीरइट Twitter

मोमिना ने लिखा, ''मैं दुआ करती हूं कि भारत चैंपियंस ट्रॉफी जीते. क्योंकि इस रकम से भारत कुछ टॉयलेट बना पाएगा.''

हम्माद राव ने महिलाओं की टॉयलेट सीट के साथ एक तस्वीर शेयर करते हुए लिखते हैं- भारत की सबसे अमीर फैमिली.

इमेज कॉपीरइट Twitter

ज़ोहेब कहते हैं, ''हम पाकिस्तानियों का दिल बड़ा है. हम अपने पड़ोसियों को टॉयलेट दान में देंगे.''

फरहान एक निराश भारतीय क्रिकेट फैन की तस्वीर शेयर करते हुए लिखते हैं- ये होता है जब भारत और पाकिस्तान का मैच एक भारतीय दोस्त देख रहा होता है और उसे टॉयलेट नहीं मिलता.''

इमेज कॉपीरइट Twitter

पाकिस्तानियों को भारतीयों का जवाब

ब्रिजेश लिखते हैं, ''टॉयलेट दान करो को ट्रेंड कराने से बेहतर है कि पाकिस्तान दुनिया में आतंकियों का दान करना बंद करे.''

@coolfunnytshirt लिखते हैं- प्लीज़ फादर्स डे पर कोई चुटकुला नहीं कहेगा. वो शायद इसे समझ ही न पाएं.

राहुल शर्मा लिखते हैं, ''मैं दुआ करुगां कि पाकिस्तान चैंपियंस ट्रॉफी जीत जाए. ताकि वो लोग अपने लिए खाना खरीद सकें.''

@SirJadeja ने ट्वीट किया, ''पाकिस्तान में इस वक्त ऐसा माहौल है कि बच्चे कह रहे हैं पापा टीवी ला दो बोर हो रहा हूं. ये सुनकर पापा बोलते हैं- बस एक दिन और रुक जा बेटा.''

भारत में टॉयलेट्स: हकीकत क्या है?

नेशनल सैंपल सर्वे ऑफिस ने 2015-16 के दौरान किए एक सर्वे में पाया कि सेनिटेशन इंफ्रास्ट्रक्चर में काफी सुधार हुआ है लेकिन अब बहुत काम किया जाना बाकी है.

स्वच्छ भारत मिशन के तहत अप्रैल 2017 तक 31 लाख से ज्यादा घरेलू शौचालय बने. 11 लाख से ज्यादा सार्वजनिक शौचालय बनाए गए. वहीं 19 हजार सफाईकर्मी तैनात किए गए.

2015 में आई सीएजी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 1954 के बाद से भारत में ग्रामीण इलाकों में शौचालय मुहैया कराने का कोई न कोई प्रोग्राम चलता रहा है.

पाकिस्तान में टॉयलेट्स का क्या हाल?

साफ पानी और स्वच्छ टॉयलेट के लिए काम करने वाली संस्था वॉटर एड की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान में करीब 6 करोड़ 80 लाख लोगों के पास पर्याप्त शौचालय और साफ सफाई की व्यवस्था नहीं है.

इमेज कॉपीरइट PA

वहीं एक करोड़ 60 लाख लोग ऐसे भी हैं, जिनकी पाकिस्तान में स्वच्छ पानी तक पहुंच नहीं है.

'एक मुहाजिर का कप्तान बनना कुछ पाकिस्तानी पचा नहीं पा रहे'

जब भारत-पाकिस्तान मैचों में तल्ख़ हुआ माहौल

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

मिलते-जुलते मुद्दे