सोशल-'मैं वो नहीं जो झूले पर बैठा रहा जब चीनी सैनिक...'

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सिक्किम के डोकलाम में भारत और चीन के सैनिकों की गतिविधियों के बीच सियासत भी गर्मा रही है.

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के चीन के राजदूत से मुलाक़ात की ख़बरें आने के बाद बीजेपी ने उन पर निशाना साधा और सोशल मीडिया पर भी लोग उनकी आलोचना करने लगे.

इसके बाद राहुल ने एक के बाद एक ट्वीट कर इस मुद्दे पर अपनी बात रखी है.

राहुल ने कहा कि अहम मुद्दों पर जानकारी लेना उनका काम है.

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राहुल ने ट्वीट किया, "मैं चीनी राजदूत से मिला. पूर्व राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, पूर्वोत्तर के कांग्रेसी नेताओं और भूटान के राजदूत से भी मुलाक़ात की."

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राहुल ने एक और ट्वीट किया कि अगर सरकार चीनी राजदूत के साथ उनकी मुलाक़ात को लेकर इतनी ही चिंतित है, तो उन्‍हें इस बात का जवाब भी देना चाहिए कि जब सीमा पर विवाद है तो क्‍यों मोदी सरकार के तीन मंत्री चीन की यात्रा पर हैं.

राहुल ने एक और ट्वीट कर प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा, "और बता दूं कि मैं वह शख्‍स नहीं हूं जो झूले पर बैठा रहा जब हज़ारों की संख्‍या में चीनी सैनिक भारत में घुस आए थे."

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दरअसल, राहुल गांधी की भारत में चीन के राजदूत के साथ मुलाक़ात की बात सामने आने पर सोशल मीडिया पर राहुल गांधी ट्रेंड करने लगा. सोशल मीडिया में मचे हल्ले के बाद कांग्रेस ने इस मुलाक़ात की पुष्टि की और कहा कि 'मुलाक़ात को सनसनीखेज़ बनाने की आवश्यकता नहीं है.'

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने पिछले हफ्ते भारत और चीन के बीच बढ़ते तनाव के मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाए थे.

शुक्रवार को किए एक ट्वीट में राहुल गांधी ने पूछा, "हमारे प्रधानमंत्री चीन के मुद्दे पर ख़ामोश क्यों हैं?"

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