सोशल: बिहार में बाढ़ से हालात बेकाबू, सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का ग़ुस्सा

इमेज कॉपीरइट AFP/Getty Images

हर साल की तरह बिहार इस बार भी बाढ़ की चपेट में है. बाढ़ की तबाही में सैकड़ों लोग जानें गवां चुके हैं और लाखों ज़िंदगियां तितर-बितर हुई हैं. सरकार लगातार मदद और राहत पहुंचाने के दावे कर रही है लेकिन लोगों का कहना है कि यह नाकाफ़ी है.

इमेज कॉपीरइट Getty Images

सरकार और प्रशासन के ढीले रवैये के ख़िलाफ़ लोगों का गुस्सा सोशल मीडिया पर भी साफ देखा जा सकता है. लोग #BiharFloods के साथ फ़ेसबुक और ट्विटर पर इस बारे में अपनी चिंता और नाराज़गी जाहिर कर रहे हैं.

इमेज कॉपीरइट Twitter

रेहान ख़ान पूछते हैं, ''यूपी, बिहार के चुनावों में सैकड़ों हेलीकॉप्टर उड़ाने वाली पार्टियां आज बाढ़ पीड़ितों के लिए नाव भी मुहैया नहीं करा पा रही हैं?''

बिहार में कब-कब बाढ़ ने मचाई तबाही

बिहार में बाढ़ से 153 मरे, लाखों लोग बेहाल

एक दूसरे सोशल मीडिया यूज़र ने ट्वीट किया,''ग्राउंड लेवल पर कुछ हेल्प करो...अभी इलेक्शन होते तो वोट मांगने पानी में भी वोट मांगने घर आ जाते.''

इमेज कॉपीरइट Twitter

राजा सोनी कहते हैं, ''यह हर साल होता है और पीड़ितों को उनके हाल पर छोड़ दिया जाता है. क्या हम इतने असंवेदनशील हो गए हैं?''

इमेज कॉपीरइट Twitter

दिलदारुल करीम बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से पूछते हैं, ''नीतीश जी, क्या आपके पास इस मुद्दे पर ध्यान देने का वक़्त है? सीमांचल इतनी मुश्किलों का सामना कर रहा है. एनजीओ काम कर रहे हैं लेकिन आप नहीं.''

इमेज कॉपीरइट Twitter

प्रवीण गोस्वामी ने ट्वीट किया,''बिहार में साहेब का कोई हवाई सैरसपाटा नही होगा और ना ही बयानबाजी होगी क्योंकि अभी बिहार में चुनाव नही है.'' आदित्य झा कहते हैं कि मेनस्ट्रीम मीडिया में जैसी रिपोर्टिंग हो रही है बिहार में हालात उससे कहीं ज्यादा खराब हैं.

इमेज कॉपीरइट Twitter

दिनेश भगत ने नीतीश कुमार को टैग करते हुए ट्वीट किया है,''कोसी नदी बिहार का शोक है और इसमें हर साल बाढ़ आती है, भले ही ज़्यादा बारिश न हो. इसका कुछ हल निकाला जाना चाहिए.''

इमेज कॉपीरइट Twitter

बिहार में बाढ़ के कारण अब तक 17 ज़िलों के एक करोड़ से ज़्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हो चुके हैं. बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 153 तक पहुंच चुकी है.

बिहार ग्राउंड रिपोर्ट: जुगाड़ की नाव पर तैरती ज़िंदगी

अररिया, पश्चिमी चंपारण और सीतामढ़ी जैस ज़िलों पर बाढ़ का सबसे ज़्यादा प्रभाव पड़ा है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

मिलते-जुलते मुद्दे