सोशल: ट्रिपल तलाक़ पर बोलकर मोहम्मद कैफ़ घिरे

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सुप्रीम कोर्ट ने एकसाथ तीन बार तलाक़ बोलकर पत्नी से रिश्ता तोड़ने की प्रथा को असंवैधानिक बता दिया है.

इस फ़ैसले की तारीफ़ में सोशल मीडिया पर कई लोगों ने काफ़ी कुछ लिखा जिनमें जाने-माने चेहरे भी शामिल थे.

लेकिन एक सेलेब्रिटी का इस बारे में कुछ लिखना विवाद पैदा कर गया.

किसी वक़्त भारतीय क्रिकेट टीम का अहम हिस्सा रहे मोहम्मद कैफ़ ने इस फ़ैसले पर राय रखी और इस बार भी ट्रोलिंग का शिकार हो गए.

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मोहम्मद कैफ़ ने इस फ़ैसले का स्वागत करते हुए ट्वीट किया था, ''एकसाथ तीन तलाक़ को असंवैधानिक क़रार देने से जुड़ा सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला स्वागत योग्य है. इससे मुस्लिम महिलाओं को सुरक्षा मिलेगी. महिला पुरुष समानता के लिए न्याय की ख़ासी ज़रूरत थी.''

कैफ़ का ये ट्वीट वायरल भी हुआ. 3700 से ज़्यादा लोगों ने इसे रीट्वीट किया और 10400 से ज़्यादा लोगों ने लाइक. लेकिन कहानी यहीं नहीं रुकी.

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बस इतना लिखने पर ट्रोल उनके पीछे पड़ गए. गुलज़ार ने लिखा, ''महिलाओं को तभी इंसाफ़ मिलेगा जब वो क़ुरान और हदीस का पालन करें. क़ुरान और हदीस के सामने सुप्रीम कोर्ट भी कुछ नहीं.''

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एक ट्वीट में लिखा गया है, ''क्या तुमने क़ुरान पढ़ी है? अगर पढ़ते तो समझ आता कि जेंडर जस्टिस और महिला सुरक्षा क्या है?''

अब्दुल हमीद ने लिखा है कि ये मुस्लिम महिलाओं के लिए बुरा फ़ैसला है क्योंकि वो इस्लामिक कानून मानती हैं.

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इकलाख़ ने ट्वीट किया, ''कैफ़ भाई क़ुरान-हदीस पढ़ लिया करो फिर ट्वीट करो. दूसरों को इम्प्रेस करने के लिए ट्वीट करके कोई इंडियन टीम के कप्तान नहीं बनोगे.''

लेकिन ऐसा नहीं कि इस ट्वीट पर कैफ़ को सिर्फ़ आलोचना ही सुनने को मिली. कई ऐसे लोग थे जिन्होंने सोशल मीडिया पर उनकी तारीफ़ करने में ज़रा देर नहीं लगाई.

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मीरान शेख़ ने लिखा है, ''ये काफ़ी पहले हो जाना चाहिए था. इसे हिंदू बनाम मुस्लिम के रूप में नहीं देखना चाहिए. ये महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण का मामला है.''

जिग्नेश ने ट्वीट किया, ''कोई मुझे क़ुरान की वो आयत बताए जिसमें ट्रिपल तलाक़ को सही बताया गया हो.''

सुहानी ने लिखा, ''स्वागत योग्य कदम और आपकी संतुलित टिप्पणी. हमें आप जैसे और लोगों की ज़रूरत है.''

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