सोशल- 'निजता के अधिकार के बारे में एंटी रोमियो स्कवॉड को बता दो'

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सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद 'निजता का अधिकार' अब मौलिक अधिकार की श्रेणी में आ गया है.

सुप्रीम कोर्ट की 9 पीठ की बेंच ने सर्वसम्मति से गुरुवार को इस बारे में फैसला सुनाया.

'निजता का अधिकार' को मौलिक अधिकार बताने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले की सोशल मीडिया पर भी चर्चा है.

कुछ लोग सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले की तारीफ कर रहे हैं तो कुछ लोग इस पर आपत्ति जता रहे हैं.

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निजता का अधिकार: मौलिक

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा, ''सुप्रीम कोर्ट का इस अहम फैसले को सुनाने के लिए धन्यवाद.''

रमेश श्रीवत्स लिखते हैं, ''निजता का अधिकार में फाइनल स्टोर. प्राइवेसी को 9 और आधार को ज़ीरो.''

@EkVillainOO7 ने लिखा, ''अब ट्विटर पर कोई भी व्यक्ति किसी एंजेल प्रिया से ये नही पूछ सकता कि तुम लड़की हो य लड़का. ये उसका निजता का अधिकार है भाई.''

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अनुग्रह मिश्रा ने लिखा, ''फेसबुक पर कृपया जबरन टैग न करें. अब तो 9 जजों की बेंच ने भी ये बोल दिया है.''

रवि पारीक ने लिखा, ''सुप्रीम कोर्ट ने निजता के अधिकार को मौलिक अधिकार बताया है. बस अब यही बात योगी आदित्यनाथ, एंटी रोमियो स्क्वॉड को भी समझा दें.''

जुनैद अली लिखते हैं, ''सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला स्वागत योग्य है. केंद्र सरकार के मनमानी रवैये पर अंकुश लगेगा और निजता की रक्षा करना सहज होगा.''

@RoflGandhi_ ने लिखा, ''निजता का अधिकार अब मौलिक अधिकार है. अब कोई निजी सवाल नहीं पूछेगा.''

hemu_jat लिखते हैं, ''टीवी वाले जो स्टिंग करते हैं या केजरीवाल वीडियो बनाने के लिए कहते हैं. क्या ये निजता का उल्लंघन है?''

कौटिल्य दत्त लिखते हैं, ''निजता का अधिकार ज़रूरी. लेकिन राष्ट्र सुरक्षा से ऊपर नहीं होना चाहिए.''

निजता का अधिकार मौलिक अधिकार है: सुप्रीम कोर्ट

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