ज़ोहरा की मदद को आगे आए गौतम गंभीर

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कश्मीर के तनावपूर्ण हालात किसी से छिपे नहीं हैं. चरमपंथियों और सेना के बीच संघर्ष में सबसे ज्यादा पिसते हैं बच्चे.

इन दिनों सोशल मीडिया पर इस बारे में काफी बात हो रही है. वजह है एक बच्ची की मार्मिक तस्वीर. जम्मू-कश्मीर पुलिस ने दो दिन पहले अपने ट्विटर हैंडल पर एक बच्ची की तस्वीर शेयर की थी.

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तस्वीर है अनंतनाग चरमपंथी हमले में मारे गए एएसआई राशिद की पांच साल की बेटी ज़ोहरा की. फ़ोटो में नन्ही ज़ोहरा रोती नज़र आ रही है. उसका चेहरा आंसुओं से भींगा हुआ है और आंखें दर्द से भरी.

इस बच्ची की मदद के लिए अब क्रिकेटर गौतम गंभीर आगे आए हैं.

गौतम ने टि्वटर पर लिखा, ''ज़ोहर मैं तुम्हें लोरी सुनाकर सुला तो नहीं सकता लेकिन ये मदद कर सकता हूं कि जब तुम जागो तो अपने ख़्वाब पूरे कर सको. मैं जीवन भर तुम्हारी पढ़ाई का खर्च उठाऊंगा.''

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उन्होंने आगे लिखा, ''ज़ोहरा, इन आंसुओं को गिरने मत देना क्योंकि धरती मां भी तुम्हारे दर्द का वज़न नहीं उठा सकती.''

गौतम गंभीर के इस कदम की तारीफ़ हो रही है. विकास ने लिखा, ''आपको सलाम है गौतम गंभीर. मानवता आप जैसे लोगों के रूप में अब भी ज़िंदा है.''

अली शेख लिखते हैं, ''आप सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं गंभीर सर. ये बच्ची अब सभी भारतीयों की ज़िम्मेदारी है और आपके इस कदम की जितनी तारीफ़ की जाए कम है.''

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इससे पहले सोशल मीडिया पर डाली गई तस्वीर के साथ लिखा जम्मू कश्मीर पुलिस ने लिखा था,''शहीद एएसआई अब राशिद के श्रद्धांजलि समारोह में सुबकते बच्चे. इनमें उनकी पांच साल की बेटी भी शामिल है.''

इस पर जबरदस्त प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं थी. तकरीबन 2,361 लोगों ने इसे रिट्वीट किया. लोगों ने बच्ची की सलामती और अब राशिद की आत्मा की शांति के लिए दुआएं मांगी हैं.

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डीआईजी ऑफ पुलिस (साउथ कश्मीर) ने भी अपनी फ़ेसबुक पोस्ट में यही तस्वीर शेयर की है. साथ ही ज़ोहरा के नाम एक दिल छू लेने वाली चिट्ठी भी लिखी है. चिट्ठी में लिखा है:

मेरी प्यारी ज़ोहरा,

तुम्हारे आंसुओं ने कई लोगों के दिल दहला दिए हैं. तुम्हारे पिता ने जो बलिदान दिया है, उसे हमेशा याद किया जाएगा. तुम अभी बहुत छोटी हो, इसलिए तुम्हारे लिए यह समझना मुश्किल होगा कि ऐसा क्यों हुआ.

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ऐसी हिंसा के लिए जिम्मेदार लोग वाकई पागल और मानवता के दुश्मन हैं. उन्होंने देश और समाज के कानूनी ढांचे पर हमला किया है.

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तुम्हारे पिता हमारी ही तरह जम्मू-कश्मीर पुलिस का प्रतिनिधित्व करते थे, जोकि हिम्मत और त्याग का प्रतीक है. हम बहुत से पुलिसवालों के परिवार लोगों की रक्षा करते हुए ऐसी ही त्रासदी और पीड़ा से गुजरते हैं. यकीनन, वे सभी चेहरे एक समृद्ध इतिहास बनाकर हमें गौरवान्वित करते हैं.

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हम अपने नायकों को भुला नहीं सकते, वो सब हमारे प्रिय हैं जिनके साथ रहकर हमने सालों तक काम किया है. ये सभी परिवार इस महान यात्रा के साझेदार हैं और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने समाज की सेवा करने की जिम्मेदारी उठाई है.

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याद रखो कि इस मुश्किल घड़ी में हम सब एक परिवार हैं. तुम्हारे एक-एक आंसू हमारे दिल जलाते हैं. ईश्वर हमें लोगों की भलाई के मिशन को आगे बढ़ाने की ताकत दे.

वर्दी पहनते वक़्त हमने जो शपथ ली थी, वो सबसे ऊपर है. हमारी प्रतिबद्धता बदलाव की वाहक बने. यह लोगों में शांति और सद्भाव का संदेश लेकर आए.

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हम राशिद को हमेशा एक सच्चे पुलिसकर्मी की तरह याद करेंगे जिसने ड्यूटी करते हुई अपनी जिंदगी बलिदान कर दी.

बहुत सारे आशीर्वाद के साथ

जम्मू-कश्मीर पुलिस के सभी रैंक ऑफिसर

इस फ़ेसबुक पोस्ट को अब तक 1,038 लोगों ने शेयर किया और ज़ोहरा के लिए अपनी संवेदनाएं जताई हैं.

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