सोशल: सूरत में बोल कर भारत में छाए मनमोहन सिंह

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भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और कांग्रेस नेता मनमोहन सिंह ने शनिवार दोपहर गुजरात के सूरत में व्यापारियों से मुलाक़ात की. उन्होंने इस मौके पर मोदी सरकार के नोटबंदी और जीएसटी लागू करने के फैसले पर कटाक्ष किया.

उन्होंने कहा, "लोगों के जज़्बे को सलाम जो उन्होंने काले धन को ख़त्म करने के लिए दर्द लेना मंज़ूर किया लेकिन जल्द ही ये पता चल गया कि काला धन वापस अर्थव्यवस्था में आ गया है."

मनमोहन सिंह ने कहा कि जीएसटी लागू करने से पहले किसी ने सूरत के व्यापारियों से नहीं पूछा गया कि आपका धंधा आख़िर चलता कैसे है.

उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री खुद गुजरात से हैं और उनका दावा है कि गरीब को बेहतर समझते हैं, लेकिन उन्होंने ये समझने की कोशिश ही नहीं की कि उनके फ़ैसलों से आप पर क्या असर पड़ेगा."

मनमोहन सिंह ने कहा, "काले धन के ख़िलाफ़ उनकी मुहिम ने हर किसी को शक़ के दायरे में ला खड़ा किया लेकिन असल दोषी का पता तक नहीं चला."

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पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सूरत के कपड़ा मिलों की समस्या के बारे में कहा कि लोगों ने मोदी के 'अच्छे दिन' के सपने पर यकीन कर उन्हें वोट दिया. बदले में उन सभी के सपने टूट गए, सूरत में 89,000 कपड़ा मशीनों को रद्दी के भाव बेचना पड़ा और 31,000 कामगारों पर इसका सीधा असर पड़ा.

मनमोहन सिंह ने कहा वो मानते हैं कि जिन दो बड़ी समस्याओं से देश जूझ रहा है वो हैं- काला धन और आयकर में चोरी. लेकिन वो मानते हैं कि इससे निपटने के लिए नोटबंदी लागू करना सही कदम नहीं था.

उनका कहना था कि नोटबंदी का असर सीधे तौर पर जीडीपी पर पड़ा है. साल 2017-18 की पहली तिमाही में जीडीपी के विकास दर का आंकड़ा 5.7 फीसद तक गिरा. बाद में जुलाई-सितंबर की तिमाही में यह बढ़कर 6.3 तक पहुंचा जो स्वागतयोग्य है.

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सोशल मीडिया पर छाए मनमोहन

मनमोहन सिंह ने कहा कि महात्मा गांधी और सरदार पटेल के दिखाए रास्ते पर चलते हुए कांग्रेस की कोशिश होगी कि गुजरात के सभी तबकों की आवाज़ को महत्व मिले. उनका कहना था कि गुजरात के 6.5 करोड़ लोगों के भरोसे के साथ कांग्रेस भविष्य में भी इस प्रदेश को नई ऊंचाई तक लेकर जाएगी.

मनमोहन सिंह के भाषण को लेकर भारत में सोशल मीडिया पर चर्चा हो रही है. ट्विटर पर #मनमोहनसिंहइनगुजरात ट्रेंड कर रहा है.

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विमल कुमार ने लिखा, "आपके दृष्टिकोण की प्रशंसा पूरी दुनिया करती है अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी हाल में आपके विचारों की तारीफ की थी."

ललिता बोधरा ने लिखा, "ओबामा ने मनमोहन सिंह को उच्च कोटि का अर्थशास्त्री बताया है."

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उपेंद्र कुमार ने लिखा, "वो बढ़िया वित्त मंत्री रहे. देश और जनता की भलाई को देखते हुए नरेंद्र मोदी और अरुण जेटली को उनसे राय लेनी चाहिए थी."

संतोष नाम के एक ट्विटर हैंडल ने लिखा, "मनमोहन सिंह की लाठी बेआवाज मारती है लेकिन गूंज सभी सुनते हैं."

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